गांव के विकास की रूपरेखा अब तय करेंगे ग्रामीण, छत्तीसगढ़ में शुरू हुआ रिफॉर्म उत्सव
OM Darpan
रायपुर: छत्तीसगढ़ में गांवों के विकास की रूपरेखा अब सीधे ग्रामीणों की सहभागिता से तैयार होगी। प्रदेश में 2 अक्टूबर से ‘रिफॉर्म उत्सव’ के साथ विकसित ग्राम पंचायत प्लान (VGPP) बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जन योजना अभियान (PPC) के साथ एकीकृत इस पहल का मकसद ग्राम सभाओं को गांव की जरूरतों, विकास की कमियों और स्थानीय संसाधनों पर चर्चा का मुख्य केंद्र बनाना है।
इस अभियान में पंचायत प्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, युवाओं और आम ग्रामीणों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। ग्राम सभाओं में सीधे संवाद के जरिए ग्रामीणों से उनकी प्राथमिकताएं और जरूरी कार्य पूछे जाएंगे, जिन्हें आगामी विकास योजना में शामिल किया जाएगा।
वीबी-जीरामजी और लखपति दीदी योजना पर चर्चा
रिफॉर्म उत्सव के दौरान वीबी-जीरामजी के तहत 125 दिन के रोजगार की वैधानिक गारंटी, 15 दिनों में काम और समय पर मजदूरी भुगतान जैसे अहम मुद्दों पर ग्रामीणों से संवाद होगा। इसके तहत अनुमेय 375 प्रकार के कार्यों में से स्थानीय जरूरत के मुताबिक चयन, आजीविका संवर्धन और ग्रामीण अधोसंरचना पर बात होगी। साथ ही लखपति दीदी योजना और आजीविका गतिविधियों को लेकर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
साप्ताहिक चरणबद्ध कार्ययोजना
पहला सप्ताह (2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर): 2 अक्टूबर को आयोजित ग्राम सभा के साथ रिफॉर्म उत्सव का आगाज हुआ। इस चरण में ग्रामीणों को VGPP तैयार करने की पूरी प्रक्रिया, आधारभूत आंकड़े, आधार मानचित्र और अनुमेय कार्यों की जानकारी दी जा रही है। साथ ही डिजिटल रिकॉर्ड से छूटी परिसंपत्तियों की पहचान शुरू की गई है।
अक्टूबर-नवंबर (अगले 8 सप्ताह): बस्ती व वार्ड स्तर पर सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन (PRA), स्थल सत्यापन और सामुदायिक परामर्श के जरिए स्थानीय कमियों व प्राथमिकताओं को चिन्हित किया जाएगा।
दिसंबर (अंतिम चरण): जुटाए गए सुझावों के आधार पर VGPP का प्रारूप तैयार कर ग्राम सभा से अनुमोदित कराया जाएगा।
15 जनवरी तक: विकासखंड और जिला स्तर पर सभी योजनाओं का समेकन पूरा करने का लक्ष्य है।
जल सुरक्षा और ढांचागत विकास को प्राथमिकता
VGPP के तहत जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका परिसंपत्तियों और प्रतिकूल मौसम के प्रभाव को कम करने वाले कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
QR कोड से मिलेगी जानकारी
रिफॉर्म उत्सव के लिए पंचायत सचिवों को वीबी-जीरामजी से जुड़े 8 प्रमुख वार्ता बिंदु दिए गए हैं। ग्रामीण पंचायत भवनों में लगे QR कोड को स्कैन करके भी ये जानकारियां आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्राम सभाओं को महज औपचारिक मंच के बजाय गांव के समग्र विकास का सहभागी माध्यम बनाना है।
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