कोण्डागांव के स्कूलों में 'मेरे सपनों का भारत' की गूंज, बच्चों ने पेंटिंग से उकेरा विकसित छत्तीसगढ़
OM Darpan
पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत विद्यार्थियों ने कला और भाषण के जरिए पेश की विकसित भारत की तस्वीर
कोण्डागांव। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में जिला कोण्डागांव के विभिन्न स्कूलों में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में महात्मा गांधी वार्ड स्थित पीएम श्री स्कूल में ‘मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा’ प्रतियोगिता हुई। इस दौरान विद्यार्थियों ने अपनी कला और विचारों के जरिए विकसित भारत की परिकल्पना को पेश किया।
प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। बच्चों ने अपनी पेंटिंग में आत्मनिर्भर भारत, आधुनिक शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत जैसे विषयों को प्रमुखता से दर्शाया। चित्रकला के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह बताने की कोशिश की कि वे भविष्य के भारत को किस रूप में देखना चाहते हैं।
डिजिटल इंडिया और नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ की दिखी झलक
पेंटिंग प्रतियोगिता में छात्रा सिताय सोरी ने डिजिटल इंडिया, दिव्या सोरी ने स्वच्छ भारत और जमुना पोयाम ने नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ के विषय पर अपनी कला दिखाई। वहीं, खोमेश्वर नेताम ने विकसित छत्तीसगढ़ और प्रतिभा पोयाम ने विकसित भारत की तस्वीर बनाई। रंगोली प्रतियोगिता में भी छात्राओं ने अपना हुनर दिखाया। अनुराधा नेताम, श्रद्धा बांधे, चेतना पाण्डे, मानवी बघेल, रागिनी देवांगन, प्रिया नेताम और सोनम निषाद ने सेना के शौर्य, स्वच्छता और विकसित छत्तीसगढ़ जैसे विषयों पर आकर्षक रंगोलियां बनाईं।
भाषण में गूंजा सेना का शौर्य और नए कश्मीर का मुद्दा
चित्रकला के साथ-साथ भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। छात्रा प्रिया कुशवाहा ने ‘नक्सलमुक्त भारत’ विषय पर प्रभावशाली विचार रखे। उन्होंने बस्तर और आसपास के इलाकों में माओवाद से मुक्ति के बाद स्थापित हो रही शांति और विकास की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। इसके अलावा अंजू नेताम ने सेना के शौर्य, बिजई कश्यप ने स्वच्छ भारत और राधिका मरकाम ने 'नया कश्मीर' विषय पर अपनी बात रखी।
इस मौके पर प्राचार्या शोभा आजाद के साथ शिक्षक शांति लाल सलाम, निर्मला नेताम, अंजनी मरकाम, देशवती कौशिक, बी. ज्योति राव, अमित मल्लिक, रजत लिल्हारे, सुमेर साहू, स्मृति जैन, सुषमा धनोलिया, कुमुदिन मिश्रा और राधा प्रधान मौजूद रहीं। शिक्षकों ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से बच्चों को अपनी कल्पनाओं को रचनात्मक रूप देने का मौका मिलता है और वे देश के विकास के प्रति जागरूक होते हैं।
जरूरी खबरें
विज्ञापन