23 सितम्बर 2026 |
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किसान डमरू कश्यप ने इमली चपाती से बदली अपनी तकदीर

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OM Darpan

Sep 24, 2026 12:12 am 456 views
किसान डमरू कश्यप ने इमली चपाती से बदली अपनी तकदीर

सरकारी अनुदान और बैंक ऋण की मदद से स्थापित की सफल उद्यम इकाई

जगदलपुर। बस्तर जिले के ग्राम कुम्हारवंड निवासी किसान डमरू कश्यप ने दृढ़ इच्छाशक्ति और सरकारी योजना के सहयोग से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। आठवीं तक शिक्षित डमरू ने अपनी पारंपरिक खेती के साथ इमली चपाती निर्माण की इकाई स्थापित कर आर्थिक तंगी को दूर कर दिखाया है।

खेती से पर्याप्त आमदनी न होने के कारण डमरू का परिवार आर्थिक समस्याओं से जूझ रहा था। परिवार के भरण-पोषण के लिए उन्होंने क्षेत्र में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध वनोपज इमली का सदुपयोग करने का निर्णय लिया।

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योजना से मिली वित्तीय मदद

जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र जगदलपुर के शिविर में डमरू को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना की जानकारी मिली। विभागीय मार्गदर्शन में उन्होंने प्रोजेक्ट तैयार किया और भारतीय स्टेट बैंक की बकावण्ड शाखा से ऋण के लिए आवेदन किया।

बैंक ने उद्यम के लिए 70 हजार रुपए का ऋण मंजूर किया। इस राशि पर डमरू कश्यप को शासन की ओर से 35 हजार 840 रुपए का अनुदान भी प्राप्त हुआ जिससे उनकी राह आसान हो गई।

ढाई लाख हुआ सालाना टर्नओवर

आर्थिक सहायता मिलने के बाद डमरू ने इमली चपाती बनाने का काम धरातल पर शुरू किया। उनकी मेहनत के कारण स्थानीय हाट-बाजारों में उत्पाद की मांग तेजी से बढ़ी और आज उनकी इकाई का वार्षिक टर्नओवर ढाई लाख रुपए तक पहुंच गया है।

इस व्यवसाय ने न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारा है बल्कि दो अन्य स्थानीय लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराया है। डमरू कश्यप अब क्षेत्र के युवाओं और किसानों के लिए सफलता के प्रतीक बन चुके हैं।

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