सरकारी विश्वविद्यालयों में होगी प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस की नियुक्ति, राज्यपाल ने दिए परीक्षा व्यवस्था पारदर्शी बनाने के निर्देश
OM Darpan
Sep 01, 2026 09:33 pm
522 views
01 Sep 2026
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने प्रदेश के शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों की समीक्षा बैठक ली। इसमें शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यार्थियों की संख्या, रिक्त पदों की पूर्ति और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन पर चर्चा की गई। राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में सीटों के अनुपात में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली और इस दिशा में प्राथमिकता से कार्य करने के निर्देश दिए।
राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों में जहां भी व्यवस्थागत कमियां हैं, उन्हें दूर किया जाए तथा शैक्षणिक गुणवत्ता में निरंतर सुधार किया जाए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों में नीति के अनुरूप 'प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस' की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों की जानकारी लेते हुए उन्हें शीघ्र भरने के निर्देश दिए गए। राज्यपाल ने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया में नियमानुसार स्थानीय योग्य एवं प्रतिभाशाली लोगों को प्राथमिकता देने के प्रयास किए जाएं, ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर मिल सके। उन्होंने नैक (NAAC) एवं एनआईआरएफ (NIRF) रैंकिंग की स्थिति की भी समीक्षा की।
रैंकिंग सुधारने के लिए बनेगा रोडमैप
राज्यपाल ने कहा कि सभी विश्वविद्यालय अपनी रैंकिंग में सुधार के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार करें। उन्होंने विश्वविद्यालयों को अपने आसपास के गांवों को गोद लेकर वहां इनोवेशन एवं स्टार्टअप गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में उपलब्ध ज्ञान, विशेषज्ञता और संसाधनों का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचना चाहिए। विद्यार्थियों को स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए नवाचार एवं उद्यमिता से जोड़ने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। राज्यपाल ने ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ संकल्प अभियान में युवाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने तथा विद्यार्थियों को खेलकूद के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।परीक्षा व्यवस्था को बनाएंगे लीक-प्रूफ
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में इंटरनल ऑडिट अनिवार्य रूप से कराने तथा इसके लिए इंटरनल कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं लीक-प्रूफ बनाने पर विशेष जोर देते हुए इसके लिए सभी विश्वविद्यालयों में परीक्षा नियंत्रकों की आधिकारिक नियुक्ति सुनिश्चित करने को कहा। आयुष विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित निजी मेडिकल कॉलेजों की व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. सिद्धार्थ कोमल परदेशी, उच्च शिक्षा सचिव अविनाश चंपावत और चिकित्सा शिक्षा आयुक्त रितेश अग्रवाल उपस्थित थे।जरूरी खबरें
विज्ञापन