16 सितम्बर 2026 |
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छत्तीसगढ़ कैबिनेट के ऐतिहासिक फैसले: अब ग्रामीणों को 125 दिन रोजगार की गारंटी, 'अटल हाट' और बायोगैस नीति से बदलेगी गांवों की सूरत

OM Darpan

Jun 24, 2026 12:22 am 487 views
छत्तीसगढ़ कैबिनेट के ऐतिहासिक फैसले: अब ग्रामीणों को 125 दिन रोजगार की गारंटी, 'अटल हाट' और बायोगैस नीति से बदलेगी गांवों की सूरत
छत्तीसगढ़ कैबिनेट के ऐतिहासिक फैसले 125 दिन रोजगार अटल हाट बायोगैस नीति
  • ग्रामीणों को 125 दिन रोजगार की वैधानिक गारंटी
  • कचरे से गैस बनाने की नई नीति को मंजूरी
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के ग्रामीण परिदृश्य को बदलने वाले कई बड़े निर्णयों पर मुहर लगाई गई। साय सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार से जोड़ने के लिए 'विकसित भारत - रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण)' यानी 'वीबी-जी राम जी' योजना के प्रारूप को मंजूरी दे दी है। गौरतलब है कि इस योजना के तहत अब पात्र ग्रामीण परिवारों को साल में 100 के बजाय 125 दिन के अकुशल श्रम आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी।
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125 दिन रोजगार की मिलेगी वैधानिक गारंटी

मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदित इस महत्वाकांक्षी योजना को भारत सरकार के अधिनियम 2025 के अनुरूप लागू किया जा रहा है। योजना का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और ग्रामीण आधारभूत संरचना का निर्माण करना है। सूत्रों के अनुसार, इस मिशन में केंद्र और राज्य के बीच व्यय का अनुपात 60:40 रहेगा। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट में 4,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान किया है। खास बात यह है कि इसमें पीएम गति शक्ति से समन्वय और डिजिटल प्रणालियों के जरिए पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।

गांवों में खुलेंगे अटल आजीविका समृद्धि हाट

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कैबिनेट ने अटल आजीविका समृद्धि हाट योजना शुरू करने का बड़ा फैसला लिया है। इस योजना के जरिए गांवों में ही हथकरघा, सिलाई-बुनाई और हस्तशिल्प जैसे सृजन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा दलहन-तिलहन प्रसंस्करण इकाइयां, राइस मिल और डेयरी जैसे प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा दिया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को इसका नोडल विभाग बनाया गया है। इस पहल से ग्रामीणों को अपने ही क्षेत्र में कोल्ड स्टोरेज, सोलर ड्रायर और अटल डिजिटल केंद्रों जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और स्थानीय उत्पादों को सीधा बाजार मिलेगा।
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कचरे से गैस बनाने की नई नीति को हरी झंडी

पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लिए मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति-2026 के प्रारूप को भी हरी झंडी दिखा दी है। छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के तहत राज्य में सालाना 5 लाख टन सीबीजी (CBG) उत्पादन की संभावना जताई गई है। इस नीति के तहत कृषि अवशेष, पशुधन अपशिष्ट और नगरीय ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक प्रबंधन कर उन्हें स्वच्छ ईंधन में बदला जाएगा। ऊर्जा विभाग और छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण को इस नीति के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे न केवल ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी आएगी, बल्कि जैविक उर्वरकों के उत्पादन से किसानों की आय में भी इजाफा होगा।
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