19 सितम्बर 2026 |
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वैदिक मंत्रों से गूंजा महामाया मंदिर: 71 बटुकों ने एक साथ धारण किया जनेऊ, दूल्हे की तरह सजे बच्चों की निकली भव्य बारात

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OM Darpan

May 04, 2026 06:45 am 215 views
वैदिक मंत्रों से गूंजा महामाया मंदिर: 71 बटुकों ने एक साथ धारण किया जनेऊ, दूल्हे की तरह सजे बच्चों की निकली भव्य बारात

 71 बटुकों का हुआ सामूहिक उपनयन संस्कार

रायपुर (ओमदर्पण न्यूज़)।

विप्र सामाजिक संगठन 'समग्र ब्राह्मण परिषद् छत्तीसगढ़' द्वारा रविवार 3 मई को राजधानी के महामाया देवी मंदिर स्थित सत्संग भवन में "प्रदेश स्तरीय सामूहिक उपनयन संस्कार" का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान 71 ब्राह्मण बटुकों को शास्त्रोचित विधि-विधान के साथ जनेऊ (यज्ञोपवीत) धारण करवाया गया।

संगठन के मुख्य सलाहकार और कार्यक्रम संयोजक डॉ. भावेश शुक्ला 'पराशर' ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और मंगलाचरण के साथ हुई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। आचार्यों के मार्गदर्शन में चुलमाटी, मंडपाच्छादन, देवतला, चिकट और मातृका पूजन की रस्में निभाई गईं। बटुकों का मुंडन व स्नान कराकर देव पूजन, मातृ-पितृ वंदन और आचार्य वरण के पारंपरिक अनुष्ठानों के बाद उन्हें यज्ञोपवीत धारण कराया गया। बटुकों को गायत्री मंत्र की दीक्षा दी गई और उन्हें संध्या-वंदन, अनुशासन व ब्रह्मचर्य के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया।

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यज्ञोपवीत धारण करने के पश्चात सभी बटुकों ने "भवति भिक्षां देहि" कहते हुए भिक्षा की प्राचीन परंपरा निभाई। अंत में सभी बटुकों को पीले कुर्ते-पायजामे में दूल्हे की वेशभूषा में सजाकर गाजे-बाजे और आतिशबाजी के साथ सत्संग भवन से यादव भवन, जैतुसाव मठ होते हुए पुनः महामाया मंदिर तक बारात के रूप में नगर भ्रमण कराया गया।

बालक बनता है 'द्विज', मिलता है नया जन्म

संगठन के प्रदेश सचिव पंडित सजल तिवारी और पंडित श्रीकांत तिवारी ने बताया कि सनातन धर्म के सोलह संस्कारों में उपनयन अत्यंत महत्वपूर्ण संस्कार है। जनेऊ धारण करने के साथ ही बालक ‘द्विज’ बनता है, जिसका अर्थ है दूसरा जन्म। यह संस्कार उसे ज्ञान, कर्तव्य और नैतिक जीवन की ओर प्रेरित करता है।

आचार्य सुनील कृष्ण शर्मा के मार्गदर्शन में पंडित अश्वनी शुक्ला, पंडित किशोर शुक्ला, खुशाल तिवारी, बाबू पंडा, नंद किशोर, रितेश, दिनेश और सोनू ने उपनयन संस्कार का संपूर्ण कर्मकांड संपन्न कराया।

समरसता का संदेश, पांचवें वर्ष भी आयोजन सफल

परिषद् के प्रदेशाध्यक्ष पंडित रामानुज तिवारी और प्रदेश मीडिया प्रभारी पंडित उमाकांत तिवारी ने बताया कि सामूहिक उपनयन संस्कार का यह पांचवां वर्ष है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में एकता और समरसता को बढ़ावा देना है। यह उन परिवारों के लिए विशेष रूप से सहायक है जो व्यक्तिगत रूप से इस संस्कार का आयोजन नहीं कर पाते।

कार्यक्रम को सफल बनाने में महामाया देवी मंदिर सार्वजनिक न्यास के पंडित व्यासनारायण तिवारी, दुर्गा प्रसाद पाठक, चंद्रशेखर दुबे, उपेंद्र शुक्ला, महेंद्र पांडेय, विजय कुमार झा, शिबू बिहारी शुक्ला, नितिन तिवारी, शैलेंद्र शर्मा, वैभव शर्मा, कालिंदी उपाध्याय, भारती शर्मा, संध्या उपाध्याय, प्रीति तिवारी, अमिता तिवारी, स्वाति मिश्रा, खुशबू शर्मा, आयुषी शर्मा, विवेक तिवारी, गौरव मिश्रा, विजय पांडेय, गोपालधर दीवान, विवेक दुबे, दिलीप अग्रवाल, क्रांति कुमार अग्रवाल, अमन लोहमार, चेतन धीवर, कन्हैयालाल साहू, विनोद यदु और मदन यदु का विशेष सहयोग रहा।

इस अवसर पर डाली तिवारी, स्वाति शर्मा, शशि द्विवेदी, मनीषा शर्मा, अंजू शर्मा, सरोज तिवारी, शकुन तिवारी, अमित जोशी, अनुराग त्रिपाठी, अखिलेश त्रिपाठी, जितेंद्र दुबे और चक्रेश तिवारी सहित बड़ी संख्या में अभिभावक व सामाजिक बंधु उपस्थित थे।

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