18 अक्टूबर 2026 |
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जवानों के सर्वोच्च बलिदान से बस्तर में आई शांति की नई सुबह

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OM Darpan

Oct 17, 2026 11:29 pm 421 views
जवानों के सर्वोच्च बलिदान से बस्तर में आई शांति की नई सुबह


मुख्यमंत्री साय ने 50 अमर शहीदों के परिजनों का किया सम्मान, कहा- नक्सलवाद के खिलाफ मिली निर्णायक सफलता

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रायपुर

बस्तर में नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष कर अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों का शौर्य और समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा। जवानों ने केवल नक्सलवाद से संघर्ष नहीं किया, बल्कि अपने रक्त और बलिदान से बस्तर में शांति, सुरक्षा और खुशहाली के नए युग की नींव रखी है। यह बात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर में द हिन्दू फाउंडेशन-नागपुर द्वारा आयोजित ‘शौर्यांजलि - बस्तर के नायकों को समर्पित’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।


50 शहीदों के परिजनों का हुआ सम्मान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मुख्यमंत्री ने बस्तर में शांति के लिए प्राण न्योछावर करने वाले 50 अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिजनों का सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने शहीद परिवारों को आश्वस्त किया कि उनका सम्मान और कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ हर सुख-दुख और परिस्थिति में उनके साथ मजबूती से खड़ी है।


निर्णायक मोड़ पर नक्सल विरोधी अभियान

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद के समूल उन्मूलन के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ अभियान चलाया गया। केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा निर्धारित 31 मार्च 2026 के लक्ष्य को लेकर सुरक्षा बलों ने पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया है। चार दशकों तक हिंसा का दंश झेलने वाले बस्तर में छत्तीसगढ़ पुलिस, डीआरजी, बस्तर फाइटर्स और सीआरपीएफ के जवानों ने अभूतपूर्व साहस का परिचय दिया, जिससे इस अभियान को निर्णायक सफलता मिली है।


विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा बस्तर

अंचल में हो रहे बदलावों का जिक्र करते हुए साय ने बताया कि शांति स्थापना के साथ ही बस्तर में विकास के नए द्वार खुल रहे हैं। राज्य सरकार की ‘नियद नेल्लानार’ योजना के माध्यम से लंबे समय तक विकास से वंचित रहे दूरस्थ गांवों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। आज बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों से गांव-गांव की खेल प्रतिभाएं सामने आ रही हैं, वहीं बस्तर पंडुम से जनजातीय संस्कृति को नई पहचान मिल रही है।


फाउंडेशन की पहल सराहनीय

शहीद परिवारों के सम्मान में देशभर में यात्रा कर 800 से अधिक परिवारों तक पहुंचने के लिए मुख्यमंत्री ने द हिन्दू फाउंडेशन की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह अमर शहीदों के प्रति समाज की कृतज्ञता की सशक्त अभिव्यक्ति है। कार्यक्रम में द हिन्दू फाउंडेशन के संयोजक संदीप गुप्ता, शहीद वीर नारायण सिंह के वंशज राजेंद्र सिंह दीवान सहित बड़ी संख्या में शहीद परिवारों के सदस्य और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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