जल-जीवन मिशन-2.0 की रूपरेखा तैयार, आदिवासी बसाहटों में शुद्ध पेयजल सर्वोच्च प्राथमिकता
OM Darpan
मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में अपेक्स कमेटी की उच्चस्तरीय बैठक संपन्न,
बुनियादी ढांचे के निर्माण के बाद अब संचालन-रखरखाव पर विशेष जोर
12 ग्रामीण जलप्रदाय योजनाओं को मिली मंजूरी
विशेष संवाददाता, रायपुर।
राज्य में जल-जीवन मिशन के तहत तैयार किए गए विशाल बुनियादी ढांचे के बाद अब सरकार का पूरा फोकस इसके सुचारू संचालन, नियमित मॉनिटरिंग और बेहतर रखरखाव पर है। इसी कड़ी में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की अपेक्स कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की सतत आपूर्ति और जल-संरक्षण को लेकर लंबी रणनीति तय की गई। इसके साथ ही जल-जीवन मिशन-2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत कार्ययोजना पर गहन विचार-विमर्श किया गया। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय तथा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारी भी वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस बैठक से जुड़े।
आदिवासी क्षेत्रों में जल-आपूर्ति पर विशेष फोकस
मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि राज्य की सभी आदिवासी बसाहटों, विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों वाले सुदूर क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल हर हाल में उपलब्ध कराया जाए। इन क्षेत्रों में संसाधनों की समुचित व्यवस्था और पेयजल की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रस्ताव स्वीकृत किए गए। मुख्य सचिव ने कड़े शब्दों में कहा कि पानी की आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए और इसकी शुद्धता की कड़ाई से जांच समय-समय पर होती रहनी चाहिए।
12 ग्रामीण जलप्रदाय योजनाओं को हरी झंडी
बैठक के दौरान राज्य में चल रही सोलर-रेट्रोफिटिंग तथा बल्क-वॉटर योजनाओं की वर्तमान प्रगति और लंबित वित्तीय भुगतानों की विस्तृत समीक्षा की गई। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए 12 ग्रामीण समूह जलप्रदाय योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त निविदाओं की दरों को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। मिशन की गतिविधियों को तकनीकी और प्रबंधकीय रूप से और अधिक मजबूत बनाने के लिए जिला तकनीकी इकाई और परियोजना प्रबंधन इकाई की नियुक्ति का भी अहम निर्णय लिया गया है।
संचालन-रखरखाव के लिए नई नीति का ड्राफ्ट तैयार
अरबों रुपये की इन जलापूर्ति योजनाओं के लंबे समय तक सुचारू रूप से काम करने के लिए ऑपरेशन्स एंड मेंटेनेंस (संचालन-रखरखाव) पॉलिसी के एक नए ड्राफ्ट पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में भूजल के विवेकपूर्ण उपयोग और जल-स्रोतों की सुरक्षा पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि योजनाओं के सफल संचालन में ग्राम पंचायतों और स्थानीय समुदायों की सक्रिय जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए और मिशन से जुड़े कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर भी बल दिया जाए।
इस उच्चस्तरीय बैठक में वित्त एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद अब्दुल कैसर हक, जल-जीवन मिशन के मिशन डायरेक्टर रिमिजियुस एक्का सहित महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा स्कूल शिक्षा विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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