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नवा रायपुर की चमक पर लगा दाग, सार्वजनिक टॉयलेट के लिए भटक रहे लोग

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OM Darpan

Jun 10, 2026 09:11 pm 189 views
नवा रायपुर की चमक पर लगा दाग, सार्वजनिक टॉयलेट के लिए भटक रहे लोग
 

रायपुर, (ओम दर्पण)।

नवा रायपुर पब्लिक टॉयलेट की कमी ने शहर की आधुनिक तस्वीर पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। जिस नवा रायपुर को चौड़ी सड़कों, भव्य सरकारी भवनों, आधुनिक पार्कों और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए पहचाना जाता है, वहीं आम लोगों के लिए सार्वजनिक शौचालय जैसी जरूरी सुविधा आज भी आसानी से उपलब्ध नहीं है। मंत्रालय और सरकारी दफ्तरों के अंदर कर्मचारियों के लिए व्यवस्था है, लेकिन बाहर आने-जाने वाले आम नागरिकों, पर्यटकों, महिलाओं और बच्चों की सुविधा को लेकर स्थिति कमजोर दिखती है। सेंट्रल पार्क, झांझ जलाशय, स्टेडियम और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को पब्लिक टॉयलेट के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
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गूगल मैप भी नहीं दे पा रहा राहत

नवा रायपुर में सार्वजनिक शौचालय की हालत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गूगल मैप पर खोजने के बाद भी आम लोगों को आसपास सुविधा आसानी से नहीं मिलती। चारों तरफ तलाशने पर गूगल एयरपोर्ट परिसर में पब्लिक टॉयलेट दिखाता है। समस्या यह है कि एयरपोर्ट की यह सुविधा मुख्य रूप से यात्रियों के लिए है। नवा रायपुर घूमने आए लोगों या सार्वजनिक स्थलों पर मौजूद परिवारों के लिए यह व्यावहारिक विकल्प नहीं है। ऐसे में नवा रायपुर पब्लिक टॉयलेट का सवाल सिर्फ सुविधा का नहीं, बल्कि शहर की योजना और आम आदमी की जरूरत से जुड़ा मुद्दा बन गया है।

जहां भीड़ है, वहीं सुविधा नहीं

सेंट्रल पार्क, झांझ जलाशय, स्टेडियम, जंगल सफारी के आसपास के कई क्षेत्र और अन्य सार्वजनिक स्थल लोगों की आवाजाही वाले इलाके हैं। यहां सालभर लोगों की भीड़ रहती है। इसके बाद भी शौचालय की सुविधा आसानी से उपलब्ध नहीं होना लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। बड़े आयोजनों के दौरान यही परेशानी और बढ़ जाती है। महिलाओं, बच्चों और परिवारों के लिए यह स्थिति ज्यादा असुविधाजनक हो जाती है। आधुनिक शहर की पहचान केवल सड़क, भवन और पार्क से नहीं होती, बल्कि आम नागरिकों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं से भी होती है।
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राजधानी में पिंक टॉयलेट, नवा रायपुर में इंतजार

राजधानी में महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं, लेकिन नवा रायपुर में अब भी सार्वजनिक शौचालय को लेकर इंतजार की स्थिति है। जिम्मेदार अधिकारी कम फुटफॉल का हवाला दे रहे हैं, जबकि सार्वजनिक स्थलों पर लोगों की मौजूदगी और बड़े आयोजनों की स्थिति अलग ही तस्वीर दिखाती है। अरबों रुपए का इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा होने के बाद भी यदि आम आदमी को पब्लिक टॉयलेट जैसी सुविधा के लिए भटकना पड़े, तो स्मार्ट सिटी के दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है। नवा रायपुर पब्लिक टॉयलेट की कमी अब शहर की बड़ी बुनियादी खामियों में गिनी जाने लगी है। नवा रायपुर को आधुनिक और स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया गया है, लेकिन सार्वजनिक शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा की कमी इसकी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। सेंट्रल पार्क, झांझ जलाशय, जंगल सफारी और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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अब जरूरत है कि संबंधित एजेंसियां इस समस्या को प्राथमिकता से देखें। शहर की चमक तभी पूरी मानी जाएगी, जब आम नागरिकों, पर्यटकों, महिलाओं और बच्चों के लिए जरूरी सुविधाएं भी आसानी से उपलब्ध हों।  
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