



रायपुर (ओमदर्पण न्यूज़)।
ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी नरेगा (MGNREGA) के अंतर्गत एक बड़ी पहल की गई है। इसके तहत जिले में “नवा तरिया-आय के जरिया” (Nawa Tariya-Aay Ke Jariya) अभियान की शुरुआत कर नवीन तालाब निर्माण कार्य प्रारंभ किए गए हैं।
राज्य शासन से प्राप्त निर्देशों के अनुसार, सभी विकासखंडों में वैज्ञानिक और तकनीकी पद्धति का इस्तेमाल करते हुए तालाबों के लिए जगह तलाशी गई है। इसके लिए विशेष रूप से ‘युक्तधारा पोर्टल’ (Yuktadhara Portal) एवं ‘क्लार्ट ऐप’ (CLART App) के माध्यम से नवा तरिया के लिए सबसे उपयुक्त स्थलों का चयन किया गया है।


महिलाओं और युवाओं की भागीदारी पर विशेष जोर
इस पूरे अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल जल संरक्षण नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना भी है। नवा तरिया निर्माण कार्यों में स्व-सहायता समूहों (SHG) की महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि इन तालाबों के माध्यम से भविष्य में महिलाओं के लिए आय के नए स्रोत विकसित हो सकें। इसके साथ ही, जनसहयोग के रूप में युवाओं और ग्रामीणों को भी इस महत्वपूर्ण अभियान से जोड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।


3 हजार से अधिक मजदूरों को मिला रोजगार
तालाब निर्माण कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में जिले में 26 नवा तरिया (नवीन तालाब) निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी गई है। इनमें से 21 तालाबों पर कार्य प्रगतिरत है। इन निर्माण कार्यों में अभी कुल 3158 मजदूर कार्यरत हैं, जिससे ग्रामीण परिवारों को सीधे तौर पर आर्थिक लाभ मिल रहा है।






