18 सितम्बर 2026 |
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गुस्सा आने पर खुद से पूछें- आप इंसान हैं या 'प्रेशर कुकर'? आचार्य डॉ. अजय आर्य ने दिया संसार को 'सुगंध' से जीतने का मंत्र

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OM Darpan

Apr 19, 2026 10:27 pm 280 views
गुस्सा आने पर खुद से पूछें- आप इंसान हैं या 'प्रेशर कुकर'? आचार्य डॉ. अजय आर्य ने दिया संसार को 'सुगंध' से जीतने का मंत्र

ओमदर्पण न्यूज़।

आर्य समाज में अक्षय तृतीया का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विशेष यज्ञ एवं सभा का आयोजन किया गया, जिसमें विद्वानों ने अक्षय तृतीया की महत्ता और जीवन में सत्कर्मों के प्रभाव पर प्रभावशाली विचार प्रस्तुत किए। इसी पावन अवसर पर समाज हित में 'जलदान सेवा' कार्य का शुभारंभ भी किया गया।

शुभ दिन को शुभ कर्मों से जोड़ें: पंडित अंकित शर्मा

यज्ञ सभा को संबोधित करते हुए पंडित आचार्य अंकित शर्मा शास्त्री ने बताया कि अक्षय तृतीया केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति में अक्षय पुण्य, सत्कर्म और शुभारंभ का प्रतीक दिवस है। आज के ही दिन भगवान परशुराम जयंती मनाई जाती है, और इसी दिन मां गंगा का अवतरण भी हुआ था। मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने अक्षय पात्र प्रदान किया था। उन्होंने प्रेरित करते हुए कहा कि हमें इस शुभ दिन को शुभ कर्मों से जोड़ना चाहिए, जिससे जीवन अक्षय पुण्य से परिपूर्ण हो सके।

यज्ञ हमें 'युद्ध' नहीं, 'शुद्ध' बनाता है: आचार्य डॉ. अजय आर्य

सभा में आचार्य डॉ. अजय आर्य ने अत्यंत सारगर्भित संदेश देते हुए कहा, "कर्म अक्षय हैं, इन्हें सत्यम, शिवम, सुंदरम बनाएं। दुर्वासा नहीं, सुवासा बनें।" उन्होंने स्पष्ट किया कि 'दुर्वासा' केवल एक ऋषि का नाम नहीं, बल्कि क्रोध, ईर्ष्या और घृणा से भरी एक मानसिक स्थिति है। ऐसा व्यक्ति स्वयं अशांत रहता है और समाज में अशांति फैलाता है। इसके विपरीत 'सुवासा' सुगंध की तरह होता है, जो अपने मधुर व्यवहार और विनम्र वाणी से वातावरण को सुखद बना देता है।

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आचार्य डॉ. अजय आर्य ने उदाहरण देते हुए कहा कि जो स्वयं को जीत लेता है, वही संसार को सही अर्थों में जीतता है। एक रोचक प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा- "एक व्यक्ति ने पूछा, गुरुदेव गुस्सा कैसे कम करें? उत्तर मिला- जब गुस्सा आए तो सोचो, तुम इंसान हो या प्रेशर कुकर? जो हर समय सीटी मारता है, लोग उससे दूरी ही बनाते हैं।" उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति हर बात पर गुस्सा करता है, वह यज्ञ नहीं, बल्कि 'युद्ध' कर रहा है।

जलदान सेवा में इन श्रद्धालुओं ने दिया सहयोग

अक्षय तृतीया के अवसर पर शुरू की गई जलदान सेवा में अनेक श्रद्धालुओं ने अपना महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। इस पुण्य कार्य में राजकुमार भल्ला, डॉ. आर.के. मल्होत्रा, के.के. शर्मा, धर्मपाल खंडूजा, डोनोडे, जी.एस. ठाकुरेल, परमवीर भल्ला, रवि आर्य, शिपी आर्य, सरपाल, सुदर्शन गुप्ता, डॉ. अनुपम मौर्य, हेमा सक्सेना, नीता दास और एक गुप्त दानदाता ने अपना विशेष योगदान दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी से अपने विचार, वाणी और कर्म को पवित्र बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया गया।

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