21 अक्टूबर 2026 |
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

भिलाई के अंबेडकर और शंकराचार्य गार्डन से 46 पेड़ काटे गए, कार्रवाई अब भी प्रक्रियाधीन

शेयर करें

OM Darpan

Mar 24, 2025 07:16 pm 412 views
भिलाई के अंबेडकर और शंकराचार्य गार्डन से 46 पेड़ काटे गए, कार्रवाई अब भी प्रक्रियाधीन

भिलाई नगर (रोहितास सिंह भुवाल)।
वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत स्मृति नगर स्थित अंबेडकर और शंकराचार्य गार्डन से पेड़ों की अंधाधुंध कटाई का मामला अब विधानसभा की चौखट तक पहुँच चुका है। बजट सत्र के दौरान विधायक रिकेश सेन द्वारा उठाए गए तारांकित प्रश्न ने न सिर्फ पर्यावरणीय चिंता को उजागर किया, बल्कि संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विधायक रिकेश सेन ने सदन में यह जानना चाहा कि वर्ष 2023 से लेकर अब तक कितने पेड़ काटे गए, क्या उनकी कटाई के लिए अनुमति ली गई थी, और यदि नहीं ली गई, तो ऐसे लोगों पर क्या कार्रवाई की गई है।

इस सवाल का जवाब देते हुए राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने सदन को बताया कि वर्ष 2024-25 में स्मृति नगर स्थित अंबेडकर उद्यान में 40 और शंकराचार्य उद्यान में 6 पुराने पेड़ों की कटाई की गई है। मंत्री ने जानकारी दी कि इस संबंध में स्मृति गृह निर्माण सहकारी समिति के अध्यक्ष को 8 फरवरी 2025 को अनुमति दस्तावेज प्रस्तुत करने हेतु पत्र तामिल कराया गया था, लेकिन आज तक कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया है।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

मंत्री ने यह भी बताया कि नगर पालिक निगम भिलाई के जोन-1 प्रभारी सहायक राजस्व अधिकारी प्रसन्न कुमार तिवारी द्वारा 7 फरवरी 2025 को चौकी प्रभारी स्मृति नगर को पेड़ों की कटाई की सूचना दी गई थी। इसके अलावा 8 फरवरी को जिला वन मंडल अधिकारी दुर्ग, क्षेत्रीय अधिकारी छग पर्यावरण मंडल भिलाई, और अनुविभागीय अधिकारी दुर्ग को भी पत्र प्रेषित कर वैधानिक कार्यवाही के लिए सूचित किया गया है।

इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि पेड़ों की कटाई बिना विधिवत अनुमति के की गई है और अब तक संबंधितों पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है। यह मामला न केवल प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है, बल्कि एक अहम सवाल भी खड़ा करता है – क्या हरियाली के नाम पर गार्डन बने, अब खुद हरियाली से वंचित हो जाएंगे?

Tags

शेयर करें

विज्ञापन / Advertisement

Government Advertisement
261021121107397

विज्ञापन

Advertisement