30 सितम्बर 2026 |
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

प्रॉपर्टी की गाइडलाइन दरों में बड़ा बदलाव: अब सुपर बिल्टअप नहीं, बिल्टअप एरिया पर होगी रजिस्ट्री; ऊपरी फ्लोर पर मिलेगी 20% तक की छूट

शेयर करें

OM Darpan

Dec 16, 2025 05:39 am 365 views
प्रॉपर्टी की गाइडलाइन दरों में बड़ा बदलाव: अब सुपर बिल्टअप नहीं, बिल्टअप एरिया पर होगी रजिस्ट्री; ऊपरी फ्लोर पर मिलेगी 20% तक की छूट

  • क्रेडा अध्यक्ष ने दी जानकारी

  • नगरीय क्षेत्रों में इंक्रीमेंटल गणना का प्रावधान खत्म, पेड़ों और बोरवेल का अलग से नहीं जुड़ेगा पैसा

दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)

राज्य सरकार ने प्रॉपर्टी की खरीदी-बिक्री (रजिस्ट्री) को लेकर आम जनता को बड़ी राहत दी है। अब बहुमंजिला इमारतों में फ्लैट, दुकान या ऑफिस की रजिस्ट्री 'सुपर बिल्टअप एरिया' के बजाय 'बिल्टअप एरिया' के आधार पर होगी। इसके अलावा नगरीय क्षेत्रों में छोटे भूखंडों पर इंक्रीमेंटल आधार पर गणना के नियम को समाप्त कर पुराने स्लैब सिस्टम को बहाल कर दिया गया है।

शुक्रवार को दुर्ग स्थित भाजपा कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान छत्तीसगढ़ अक्षय ऊर्जा विकास निगम (क्रेडा) के अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर गाइडलाइन दरों में विसंगतियों को दूर कर प्रक्रिया को जनहितैषी बनाया गया है। केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड के ये निर्णय 8 दिसंबर से प्रभावशील हो गए हैं।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

फ्लैट खरीदारों को सीधा फायदा

सवन्नी ने बताया कि अब तक फ्लैट्स की रजिस्ट्री सुपर बिल्टअप एरिया पर होती थी, जो मध्य प्रदेश के समय से चला आ रहा नियम था। इसे विलोपित कर दिया गया है। अब केवल बिल्टअप एरिया पर ही स्टाम्प ड्यूटी लगेगी। इसके साथ ही वर्टिकल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए फ्लोर के हिसाब से छूट दी गई है:

  • बेसमेंट और प्रथम तल: गाइडलाइन मूल्य में 10% की कमी।

  • द्वितीय तल और उससे ऊपर: गाइडलाइन मूल्य में 20% की कमी। इससे मध्यम वर्ग को किफायती दर पर आवास उपलब्ध हो सकेंगे।

नगरीय निकायों में पुराना स्लैब सिस्टम लागू

नगरीय क्षेत्रों में 1400 वर्ग मीटर तक के भूखंडों पर इंक्रीमेंटल (बढ़ी हुई दर) गणना को खत्म कर दिया गया है। अब नगर निगम क्षेत्र में 50 डेसिमल, नगर पालिका में 37.5 डेसिमल और नगर पंचायत में 25 डेसिमल तक की जमीन का मूल्यांकन स्लैब दर से ही होगा। साथ ही शहर से लगे गांवों में 25-37.5 डिसमिल तक कृषि भूमि का मूल्यांकन अब वर्गमीटर के बजाय हेक्टेयर दर से होगा, जिससे जमीन की कीमत कागजों में काफी कम हो जाएगी और रजिस्ट्री सस्ती होगी।

किसानों और ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत

गाइडलाइन में सुधार से ग्रामीण क्षेत्रों और किसानों को भी बड़ी राहत दी गई है:

  • पेड़ और बोरवेल: अब खेत या जमीन पर लगे पेड़ों, ट्यूबवेल, बोरवेल और बाउंड्री वॉल का मूल्य जमीन की कीमत में नहीं जुड़ेगा। पहले पेड़ों की कीमत जुड़ने से रजिस्ट्री महंगी होती थी, जिससे लोग पेड़ काट देते थे। अब इससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

  • सिंचित भूमि: ग्रामीण क्षेत्रों में परिवर्तित भूमि के लिए सिंचित भूमि का ढाई गुना मूल्य लेने का नियम समाप्त कर दिया गया है।

  • फसल: दो फसली जमीन और वाणिज्यिक फसल (केला, गन्ना आदि) पर जुड़ने वाला 25% अतिरिक्त चार्ज हटा दिया गया है।

कॉम्प्लेक्स में पीछे की दुकानों पर छूट

कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में मुख्य मार्ग की ओर से 20 मीटर के बाद स्थित संपत्तियों के लिए भूखंड की दर में 25% की कमी की जाएगी। इससे पीछे की दुकानों की रजिस्ट्री सस्ती होगी।

31 दिसंबर तक दोबारा भेजेंगे प्रस्ताव

सवन्नी ने बताया कि जिला मूल्यांकन समिति को निर्देश दिए गए हैं कि हाल ही में दरों में हुई वृद्धि के बाद जो भी आपत्तियां और सुझाव आए हैं, उनका परीक्षण करें और 31 दिसंबर तक गाइडलाइन दरों में पुनः पुनरीक्षण का प्रस्ताव भेजें।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में दुर्ग संभाग प्रभारी जगन्नाथ पाणिग्रही, जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, प्रदेश मंत्री जितेंद्र वर्मा, पूर्व मंत्री रमशिला साहू समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।


उदाहरण से समझें राहत का गणित

  • रायपुर (शहीद हेमू कल्याणी वार्ड): यहां पहले 1 एकड़ जमीन का सरकारी मूल्य लगभग 78 करोड़ रुपये होता था। नए नियम (कृषि भूमि प्रावधान लागू होने) से यह घटकर 2.4 करोड़ रुपये हो जाएगा।

  • बिलासपुर (सेंदरी ग्राम): यहां एक एकड़ परिवर्तित भूमि का मूल्य पहले 4 करोड़ रुपये होता था, जो अब घटकर 1.60 करोड़ रुपये रह जाएगा।

  • कांकेर (पेड़ों की कीमत): हाल ही में एक रजिस्ट्री में 600 पेड़ों की कीमत 78 लाख रुपये आंकी गई थी। नए नियम से यह कीमत शून्य मानी गई, जिससे खरीदार को करीब 8.58 लाख रुपये के रजिस्ट्री शुल्क की बचत हुई।

Tags

शेयर करें

विज्ञापन / Advertisement

Government Advertisement
260930063002388

विज्ञापन

Advertisement

संबंधित खबरें

पेज 5 / 184