15 सितम्बर 2026 |
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

भीषण गर्मी में बेजुबानों का सहारा बनी अभाविप: 'हमर चिरई, हमर चिन्हारी' अभियान से बचा रही पक्षियों की जान

OM Darpan

May 15, 2026 12:23 am 217 views
भीषण गर्मी में बेजुबानों का सहारा बनी अभाविप: 'हमर चिरई, हमर चिन्हारी' अभियान से बचा रही पक्षियों की जान

ABVP Sakora Abhiyan Gobra Nawapara ABVP Sakora Abhiyan Gobra Nawapara ABVP Sakora Abhiyan Gobra Nawapara ABVP Sakora Abhiyan Gobra Nawapara ABVP Sakora Abhiyan Gobra Nawapara

गोबरा नवापारा (ओमदर्पण न्यूज़)।

भीषण चिलचिलाती गर्मी में बेजुबान पक्षियों को राहत देने के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की गोबरा नवापारा इकाई ने एक सराहनीय पहल की है। अभाविप द्वारा "हमर चिरई, हमर चिन्हारी" के तहत सकोरा अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से परिषद के कार्यकर्ताओं ने गोबरा नवापारा के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों में सकोरे लगाकर उनमें पक्षियों के लिए दाना और पानी रखने की व्यवस्था की।

गर्मी का मौसम शुरू होते ही पशु-पक्षियों के लिए पानी की किल्लत एक बड़ी समस्या बन जाती है। इसी प्राकृतिक संकट को देखते हुए अभाविप ने यह कदम उठाया है। परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि अभाविप केवल शैक्षणिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि एस.एफ.डी. (सेवार्थ) जैसे प्रकल्पों के माध्यम से अपने सामाजिक दायित्वों का भी पूरी निष्ठा से निर्वहन कर रही है।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

पक्षियों के अस्तित्व पर मंडरा रहा खतरा

कार्यकर्ताओं ने चिंता जताते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में जल के अभाव के कारण पक्षियों को जीवन निर्वहन में अत्यधिक कठिनाई होती है। ऐसे में दाना-पानी की यह छोटी सी पहल भी उनके लिए जीवनदायिनी सिद्ध हो रही है। पेड़-पौधों की लगातार हो रही कटाई से पक्षियों और वन्य प्राणियों के रहवास पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। मानव हस्तक्षेप के कारण पर्यावरण संतुलन में अहम भूमिका निभाने वाले पशु-पक्षियों की संख्या घटती जा रही है, और कई प्रजातियां तो विलुप्त होने की कगार पर हैं।

आम जनता से की यह अपील

अभाविप ने आम जनता से अपील की है कि बेजुबानों को बचाने के लिए सभी को थोड़ा-थोड़ा प्रयास करना चाहिए। लोगों को अपने घरों के आस-पास या छायादार स्थानों पर कम से कम एक सकोरा पानी और अनाज के कुछ दाने जरूर रखने चाहिए, ताकि पक्षियों की जान बचाई जा सके।

जल संरक्षण का दिया संदेश

अभियान के दौरान विद्यार्थी परिषद ने जल संरक्षण के महत्व पर भी प्रकाश डाला। कार्यकर्ताओं ने संदेश दिया कि "जल है तो कल है", इसलिए भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए हम सभी को जल का संरक्षण करना होगा और इसका सीमित व सदुपयोग करना होगा।

अभियान में इनकी रही प्रमुख भागीदारी

इस पुनीत और सेवार्थ अभियान में अभाविप के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य दीपक साहू, अभिषेक कंसारी, धर्मेन्द्र साहू, श्लोक शर्मा, हर्षित कंसारी, कुनाल साहू, दक्ष साहू, पूनम साहू और प्रियंका महतो सहित कई अन्य कार्यकर्ता सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।

Tags

शेयर करें

विज्ञापन / Advertisement

Government Advertisement
260916040548753

विज्ञापन

Advertisement