ईरान के नए राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह के बाद हानिया पर हमला; हमास और IRGC ने की मौत की पुष्टि
OM Darpan
Jul 31, 2024 05:35 pm
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31 Jul 2024
तेहरान: मंगलवार की रात राजधानी तेहरान में हुए एक भीषण इजरायली हमले में हमास के प्रमुख इस्माइल हानिया की मौत हो गई। हमास और ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस घटना की पुष्टि की है। इस हमले में हानिया और उनके बॉडीगार्ड की जान चली गई। यह हमला इजरायल द्वारा 12 घंटे के भीतर किया गया दूसरा बड़ा हमला था, जिसमें हानिया को निशाना बनाया गया।
इस्माइल हानिया हाल ही में ईरान के नए राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे, जहां उन्होंने विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के साथ ग्रुप फोटो खिंचवाई थी। हानिया की ईरान के सुप्रीम लीडर इमाम सैयद अली खामेनेई के साथ मुलाकात की तस्वीरें भी सामने आई थीं। इन तस्वीरों को खामेनेई ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया था, जिसमें उन्होंने हानिया और फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद आंदोलन के महासचिव जियाद अल-नखला से मुलाकात की जानकारी दी थी।
हमले के कुछ घंटों बाद, इजरायली बलों ने उस घर को निशाना बनाया जहां इस्माइल हानिया अपने बॉडीगार्ड के साथ ठहरे हुए थे। यह हमला एक प्रमुख राजनीतिक और सैन्य घटना के रूप में देखा जा रहा है, विशेष रूप से जब हानिया इजरायल के दुश्मनों की सूची में शीर्ष पर थे।
इजरायल ने हाल के महीनों में कई प्रमुख हमलों का दावा किया है। इस साल अप्रैल में, इजरायली सेना ने हानिया के तीन बेटों की मौत की पुष्टि की थी, जिन पर आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप था। इसी तरह, जुलाई के अंत में, इजरायली बलों ने बेरुत में हिज्बुल्लाह के शीर्ष कमांडर फउद शुकर को मार गिराने का दावा किया था। हानिया की मौत ने इजरायल के सैन्य अभियान की एक और कड़ी को जोड़ दिया है।
हमास, जो कि एक फिलिस्तीनी इस्लामी संगठन है, की स्थापना 1987 में हुई थी। इसका उद्देश्य फिलिस्तीनी क्षेत्रों में इस्लामी शासन स्थापित करना और इजरायल के खिलाफ प्रतिरोध करना है। यह संगठन गाजा पट्टी में बहुत सक्रिय है और कई देशों द्वारा इसे आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। हमास की गतिविधियाँ इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष के दौरान अक्सर सुर्खियों में रहती हैं।
इस्माइल हानिया की मौत ने इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष में एक नया मोड़ ला दिया है। इजरायल का यह कदम क्षेत्रीय राजनीति को और अधिक जटिल बना सकता है और भविष्य में संघर्ष की दिशा को प्रभावित कर सकता है।
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