18 सितम्बर 2026 |
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

मसीही समाज ने उठाई धार्मिक अधिकारों की रक्षा की आवाज, एक दिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित

शेयर करें

OM Darpan

Dec 09, 2024 10:50 pm 264 views
कोण्डागांव (कौशल संदुजा)। मसीही समाज ने छत्तीसगढ़ युवा मंच के बैनर तले एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान समाज के सदस्यों ने अपने धार्मिक और मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। धरने के दौरान मसीही समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि ग्रामीण इलाकों में उनके धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने बताया कि प्रार्थना सभाओं में निरंतर बाधा डाली जा रही है और धर्मांतरण के झूठे आरोपों के तहत समाज के सदस्यों के साथ अपमानजनक व्यवहार किया जा रहा है। समाज की प्रमुख मांगों में पंचायत और ब्लॉक स्तर पर कब्रिस्तान का आवंटन शामिल है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में मसीही समाज के लोग अपने मृतकों को सार्वजनिक कब्रिस्तान में दफनाने से वंचित हैं। ज्ञापन में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 का हवाला देते हुए कहा गया कि हर व्यक्ति को सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार का अधिकार है। मसीही समाज को यह अधिकार देने में प्रशासन द्वारा बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं। धरने के आयोजकों ने प्रशासन से यह अपील की कि वे मसीही समाज के धार्मिक अधिकारों का सम्मान करें और कब्रिस्तान आवंटन की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करें। धरने के अंत में छत्तीसगढ़ युवा मंच के संस्थापक नरेंद्र भवानी ने कहा कि यह धरना उनके आंदोलन का पहला चरण है। यदि प्रशासन ने उनकी मांगों को नजरअंदाज किया तो वे शांतिपूर्वक तरीके से आंदोलन को जारी रखेंगे। धरने में मसीही समाज के प्रमुख पदाधिकारी जिलाध्यक्ष ज्ञान प्रकाश कोर्राम, ईसाई समाज जिलाध्यक्ष क्रिस्ट मोहन सोना, एंजेल नेताम, शारदा नेताम समेत अन्य प्रमुख लोग उपस्थित थे।  
Tags

शेयर करें

विज्ञापन / Advertisement

Government Advertisement
260918232136468

विज्ञापन

Advertisement