24 सितम्बर 2026 |
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शहीद वीर नारायण के बलिदान दिवस पर सभी वीर शहीदों को शत-शत नमन: भाजपा किसान नेता अशवंत तुषार साहू

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OM Darpan

Dec 10, 2024 11:48 pm 393 views
महासमुंद। शहीद वीर नारायण के बलिदान दिवस पर भाजपा किसान नेता अशवंत तुषार साहू ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जीवन और संघर्ष पर प्रकाश डाला। उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह की जीवनी का वर्णन करते हुए कहा कि वीर नारायण सिंह का बलिदान छत्तीसगढ़ के इतिहास में अमिट रहेगा। अशवंत तुषार साहू ने बताया कि 1852 में जब छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर अकाल की स्थिति उत्पन्न हो गई थी, उस समय अंग्रेजों ने टैक्स में लगातार वृद्धि कर दी थी। इससे किसानों की स्थिति अत्यधिक दयनीय हो गई थी। नारायण सिंह, जो सोनाखान के जमींदार थे, ने इस स्थिति से आहत होकर जनता के लिए अनाज जुटाने की कोशिश की।
उन्होंने बताया कि जब माखन बनिया से उधारी में अनाज नहीं मिला, तो नारायण सिंह ने गोदाम का ताला तोड़कर अनाज को जनता में बांट दिया। इस घटना के बाद उन्हें गिरफ्तार कर रायपुर जेल भेज दिया गया। रायपुर जेल में अन्य ब्रिटिश विरोधी कैदियों से मिलकर उन्होंने विद्रोह की योजना बनाई। 28 अगस्त 1857 को जेल तोड़कर वे भागने में सफल रहे और विद्रोहियों को संगठित किया।
20 नवंबर 1857 को जब कंपनी सेना ने सोनाखान पर हमला किया, तो वीर नारायण सिंह ने अपनी सेना को संगठित किया। लेकिन अंग्रेजी सेना की भारी बमबारी और पड़ोसी जमींदारों के सहयोग से विद्रोही हार गए। 2 दिसंबर 1857 को सोनाखान बस्ती को आग लगा दी गई और वीर नारायण सिंह को बंदी बना लिया गया। उन्हें 10 दिसंबर 1857 को रायपुर में फांसी दे दी गई।
अशवंत तुषार साहू ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह का योगदान कभी नहीं भुलाया जा सकता। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे उनके बलिदान को हमेशा याद रखें और उनकी वीरता को सराहें।
साहू ने आगे कहा, "मैं भारत माता के महान सपूत शहीद वीर नारायण के बलिदान दिवस पर सभी वीर शहीदों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करता हूं।"

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