सीसीटीवी के लिए भारत में बनेगी एआई चिप, टीडीबी देगा 130 करोड़ का फंड
OM Darpan
टीडीबी और बिगएंडियन सेमीकंडक्टर्स के बीच हुआ समझौता,
सीसीटीवी और रक्षा क्षेत्र के लिए तैयार होगी सुरक्षित एआई विजन चिप
बेंगलुरु। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) ने स्वदेशी सेमीकंडक्टर क्षमताओं को बढ़ाने के लिए बेंगलुरु की कंपनी बिगएंडियन सेमीकंडक्टर्स के साथ समझौता किया है। अनुसंधान विकास और नवाचार (आरडीआई) कोष के तहत कंपनी को 130 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
यह राशि ‘प्रोजेक्ट वीरएआई’ के लिए दी गई है, जिसकी कुल लागत 260 करोड़ रुपये है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य तकनीक को टीआरएल-5 स्तर से बढ़ाकर टीआरएल-9 तक ले जाना है। यह वित्तीय मदद वैकल्पिक परिवर्तनीय ऋण (ओसीडी) के माध्यम से प्रदान की जाएगी।
प्रोजेक्ट वीरएआई के तहत एक संप्रभु प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म पर कैमरा-केंद्रित एआई विजन सिस्टम-ऑन-चिप (एसओसी) विकसित किया जाएगा। यह चिप सुरक्षित और बुद्धिमान सेमीकंडक्टर समाधानों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करेगी।
विदेशी सप्लाई चेन पर घटेगी निर्भरता
यह प्रोजेक्ट मुख्य रूप से सीसीटीवी प्रणालियों के लिए सुरक्षित एआई चिप बनाने पर केंद्रित है। इसका लक्ष्य विदेशी सेमीकंडक्टर और तकनीक की सप्लाई चेन पर भारत की निर्भरता को कम करना है। इस तकनीक को सुरक्षा, गोपनीयता और कनेक्टिविटी के साथ जोड़ा गया है।
शुरुआत में इसे भारत और विकासशील देशों में सीसीटीवी निगरानी के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। बाद में इस प्लेटफॉर्म का विस्तार रक्षा, ऑटोमोटिव, औद्योगिक और चिकित्सा क्षेत्रों में भी करने की योजना है। इससे स्वदेशी एआई समाधानों के लिए बड़ा बाजार तैयार होगा।
टीआरएल-9 तक पहुंचेगी तकनीक
बिगएंडियन सेमीकंडक्टर्स इस प्रोजेक्ट के तहत तकनीक के विकास, सत्यापन, परीक्षण और स्केल-अप का काम करेगी। टीडीबी सचिव राजेश कुमार पाठक के अनुसार, विशिष्ट एआई चिप्स में स्वदेशी क्षमता विकसित करना देश के तकनीकी परितंत्र के लिए महत्वपूर्ण है।
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