विश्वस्तरीय मानकों और सुरक्षा पर केंद्रित हो राजमार्ग विकास: गडकरी
OM Darpan
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में दो दिवसीय 'चिंतन शिविर 2026' का उद्घाटन, सड़क सुरक्षा और डीपीआर चरण में अग्रिम योजना पर दिया जोर
एकता नगर (गुजरात)। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एकता नगर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के टेंट सिटी 2 में दो दिवसीय 'चिंतन शिविर 2026' का उद्घाटन किया। 'गतिशक्ति से प्रगति' के आदर्श वाक्य पर आयोजित इस सम्मेलन में गडकरी ने कहा कि राजमार्ग विकास में गुणवत्ता, सुरक्षा, गति और विश्व स्तरीय मानकों पर ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) स्तर पर ही भूमि अधिग्रहण, सर्वेक्षण और वैधानिक मंजूरियों की अग्रिम योजना बनाने की जरूरत बताई ताकि लागत वृद्धि और देरी से बचा जा सके।
ब्लैक स्पॉट की पहचान कर हादसों में लाएं कमी
सड़क सुरक्षा को प्राथमिक मुद्दा बताते हुए गडकरी ने कहा कि राजमार्ग नियोजन के शुरुआत से ही सुरक्षा उपाय शामिल होने चाहिए। दुर्घटना की आशंका वाले स्थानों (ब्लैक स्पॉट) की पहचान कर उचित डिजाइन से सड़क हादसों में बड़ी कमी लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि चिंतन शिविर केंद्र और राज्यों को जमीनी अनुभव साझा करने और व्यावहारिक समाधान खोजने का साझा मंच देता है। राज्यों की सफल पद्धतियों को देशभर में लागू किया जाना चाहिए।
लागत घटाने के लिए नई तकनीक और पुनर्चक्रित सामग्री का उपयोग
निर्माण और रखरखाव की लागत कम करने के लिए गडकरी ने नई तकनीकों, नवीन निर्माण पद्धतियों और पुनर्चक्रित (रीसायकल) सामग्रियों के उपयोग पर बल दिया। उन्होंने पर्यावरण व वन्यजीव संरक्षण के उपाय सुनिश्चित करने की बात कही। उद्घाटन सत्र के दौरान पर्यावरण व वन्यजीव संरक्षण उपायों पर एक दस्तावेज और सतत परिवहन दृष्टिकोण पर ब्रिक्स (BRICS) संकलन भी जारी किया गया।
फास्टैग वार्षिक पास और एमएलएफएफ से सुगम होगी यात्रा
गडकरी ने टोल संग्रह प्रणाली के आधुनिकीकरण का जिक्र करते हुए फास्टैग वार्षिक पास और मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) जैसी प्रौद्योगिकी-आधारित पहलों का उल्लेख किया, जिससे यातायात प्रवाह में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक राजमार्ग शहरों, बंदरगाहों, बाजारों और औद्योगिक केंद्रों के बीच निर्बाध संपर्क स्थापित कर व्यापार, निवेश और रोजगार को बढ़ावा देते हैं।
सम्मेलन में केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, राज्यों के परिवहन व लोक निर्माण मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। शिविर में एकीकृत अवसंरचना नियोजन, भूमि राशि, टोल सुधार और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श होगा।
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