6 अक्टूबर 2026 |
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

ज्ञानवापी मस्जिद विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने एएसआई सर्वेक्षण पर जारी किया नोटिस

शेयर करें

OM Darpan

Nov 23, 2024 09:06 am 176 views
ज्ञानवापी मस्जिद विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने एएसआई सर्वेक्षण पर जारी किया नोटिस
[smartslider3 slider=6]
नई दिल्ली।
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को काशी विश्वनाथ ज्ञानवापी मस्जिद विवाद मामले में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और ज्ञानवापी मस्जिद प्रबंधन समिति को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस हिंदू याचिकाकर्ताओं द्वारा दाखिल याचिका पर जारी किया गया है। हिंदू पक्ष के वकील मदन मोहन यादव ने बताया कि हिंदू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में यह मामला उठाया है, जिसमें वजूखाना में मिले शिवलिंग की अभी तक एएसआई द्वारा सर्वेक्षण नहीं हुआ है। इससे यह स्पष्ट किया जा सकेगा कि यह शिवलिंग है या फव्वारा। मुस्लिम पक्ष का दावा है कि यह फव्वारा है।
ज्ञानवापी तहखानों में एएसआई सर्वेक्षण नहीं हुआ पूरा एएसआई द्वारा ज्ञानवापी मस्जिद के 12 तहखानों में से केवल 8 तहखानों का सर्वेक्षण किया जा सका है। इसके अलावा, मुख्य गुंबद के नीचे स्थित ज्योतिर्लिंग का भी सर्वेक्षण नहीं हो सका है। इसी संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई और मुस्लिम पक्ष को नोटिस जारी किया गया। मुस्लिम पक्ष को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वे दो सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करें। हिंदू पक्ष के वकील मदन मोहन यादव ने उम्मीद जताई है कि मुस्लिम पक्ष जल्द ही अपना जवाब दाखिल करेगा।
 
किस मामले में नोटिस मिला? अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने बताया कि हिंदू पक्ष ने 16 मई 2022 को दावा किया था कि तथाकथित वजूखाना में एक शिवलिंग पाया गया है। हालांकि, अंजुमन इंतजामिया ने इस दावे का खंडन करते हुए इसे फव्वारा बताया। इसी दावे की पुष्टि के लिए हिंदू पक्ष ने एएसआई सर्वेक्षण कराने की मांग की थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्हें दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
 
शिवलिंग का दावा और एएसआई सर्वेक्षण ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में वीडियोग्राफी सर्वेक्षण के दौरान शिवलिंग मिलने का दावा किया गया था। इसी वजह से यह मामला अदालत तक पहुंचा है। अदालत ने सीलबंद वजूखाना क्षेत्र में एएसआई सर्वेक्षण के लिए नोटिस जारी किया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह शिवलिंग है या फव्वारा।
 
Tags

शेयर करें

विज्ञापन / Advertisement

Government Advertisement
261006192054695

विज्ञापन

Advertisement