मोदी सरकार का ऐतिहासिक कदम, लेकिन महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनाव को लेकर नेताओं में मतभेद।
OM Darpan
मुम्बई।
मोदी सरकार ने 'एक देश, एक चुनाव' की अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की समिति की रिपोर्ट को मंजूरी दे दी है। बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई, जिससे यह आगामी शीतकालीन सत्र में लोकसभा और राज्यसभा में विधेयक के रूप में पेश किया जाएगा। इस प्रक्रिया में समाज के विभिन्न वर्गों से राय भी ली जाएगी।
इस बीच, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता राज ठाकरे ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा है कि यदि केंद्र सरकार 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' कराने के लिए इतनी चिंतित है, तो उसे पहले महाराष्ट्र में नगर निकायों के चुनाव कराने चाहिए। ठाकरे ने कहा कि कई नगर निकाय लगभग चार वर्षों से प्रशासकों के अधीन संचालित हो रहे हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “अगर चुनावों को इतना महत्व दिया जा रहा है, तो पहले नगर निकाय के चुनाव कराएं।”
राज ठाकरे ने सवाल उठाया कि यदि किसी राज्य की सरकार गिरती है या विधानसभा भंग होती है, तो इस स्थिति में क्या किया जाएगा। वर्तमान में, एक देश एक चुनाव के लिए संविधान में 18 संशोधनों की आवश्यकता की बात की जा रही है, और स्थानीय निकाय चुनाव भी एक साथ कराने के लिए देश के आधे राज्यों की विधानसभाओं से मंजूरी लेनी होगी।
गृह मंत्री अमित शाह ने कैबिनेट के इस फैसले की सराहना की और इसे देश में चुनाव सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। हालाँकि, विभिन्न विपक्षी दल जैसे कांग्रेस, सपा और बसपा ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा है कि एक साथ चुनाव कराना व्यावहारिक नहीं है। सरकार का कहना है कि कई राजनीतिक दल पहले से ही इस मुद्दे पर सहमत हैं और जनता से मिल रहे समर्थन के कारण विपक्ष रुख में बदलाव कर सकता है।
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