11 अक्टूबर 2026 |
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लाहौल-स्पीति में बनेगा आईसीएमआर का उच्च-ऊंचाई चिकित्सा अनुसंधान केंद्र, जेपी नड्डा कल करेंगे शिलान्यास

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OM Darpan

Oct 11, 2026 08:20 pm 373 views
लाहौल-स्पीति में बनेगा आईसीएमआर का उच्च-ऊंचाई चिकित्सा अनुसंधान केंद्र, जेपी नड्डा कल करेंगे शिलान्यास

केलांग (लाहौल-स्पीति)।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा 12 अक्टूबर (2026) को हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले के केलांग में 'आईसीएमआर के अधिक ऊंचाई चिकित्सा और सार्वजनिक स्वास्थ्य अनुसंधान केंद्र' (आईसीएमआर-सीएचएएमपी) की आधारशिला रखेंगे। भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा इस केंद्र की स्थापना की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य देश के अधिक ऊंचाई वाले और जलवायु-संवेदनशील क्षेत्रों में बहु-विषयक अनुसंधान, नवाचार और क्षमता निर्माण को सुदृढ़ करना है।

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चुनौतीपूर्ण वातावरण के लिए बनेंगे स्वास्थ्य समाधान

हिमालयी क्षेत्रों में अत्यधिक ऊंचाई, विषम जलवायु, कठिन इलाके और भौगोलिक अलगाव के कारण विशिष्ट स्वास्थ्य चुनौतियां सामने आती हैं। ये कारक बीमारियों के पैटर्न और स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच को प्रभावित करते हैं। यह केंद्र इन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में रहने वाले लोगों के लिए वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने और व्यापक स्तर पर लागू होने योग्य विशेष स्वास्थ्य समाधान विकसित करने की दिशा में काम करेगा।


ड्रोन लॉजिस्टिक्स और डिजिटल हेल्थ पर होगा फोकस

इस केंद्र के अनुसंधान दायरे में उच्च ऊंचाई पर शरीर का अनुकूलन, पर्वतीय चिकित्सा, जलवायु-संवेदनशील बीमारियां, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, पोषण और आपदा चिकित्सा शामिल होंगे। इसके अलावा, दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुधारने के लिए यहां डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म, टेलीमेडिसिन, ड्रोन-संचालित स्वास्थ्य लॉजिस्टिक्स और रियल-टाइम निगरानी प्रणाली को एक साथ लाने पर भी काम किया जाएगा।


रणनीतिक महत्व और संस्थागत सहयोग

सीमावर्ती इलाके में स्थित यह केंद्र जनजातीय आबादी पर लंबे समय तक चलने वाले शोध के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा। इससे पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य के संबंधों का अध्ययन आसान होगा। यह पहल सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (एएफएमएस) और हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ संस्थागत सहयोग को भी बढ़ावा देगी, जो स्वास्थ्य क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगी।


भूमि पूजन के साथ जारी होगा स्मारक डाक लिफाफा

कार्यक्रम में भूमि पूजन और शिलान्यास के बाद 'ग्रीन आईसीएमआर कैंपस पहल' के तहत हिमालयी पौधों का रोपण किया जाएगा। इस दौरान एक वैज्ञानिक प्रदर्शनी का उद्घाटन, केंद्र की वेबसाइट और वीडियो का शुभारंभ, भवन के लेआउट की प्रस्तुति और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री द्वारा एक विशेष स्मारक डाक लिफाफे का विमोचन भी किया जाएगा।


समारोह में ये दिग्गज रहेंगे मौजूद

इस अहम समारोह में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर, मंडी की सांसद कंगना रनौत, लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा और पूर्व विधायक रवि ठाकुर शामिल होंगे। कार्यक्रम में सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा महानिदेशक एयर मार्शल संदीप थरेजा, आईसीएमआर महानिदेशक डॉ. राजीव बहल, स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग की संयुक्त सचिव मनीषा सक्सेना, वरिष्ठ उप महानिदेशक विवेक कुमार दक्ष, डॉ. अलका शर्मा और डॉ. रिचा पांडेय सहित केंद्र व राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी, सैन्य प्रतिनिधि और जनस्वास्थ्य विशेषज्ञ भी मौजूद रहेंगे।

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