भारत को अब 'सोने की चिड़िया' नहीं, बल्कि 'शेर' बनना होगा: मोहन भागवत
OM Darpan
Jul 28, 2025 04:40 am
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28 Jul 2025
कोच्चि।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि भारत को अब केवल आदर्शों का पालन करने वाला नहीं, बल्कि एक शक्तिशाली और आर्थिक रूप से समृद्ध राष्ट्र बनना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया सिर्फ आदर्शों का सम्मान नहीं करती, बल्कि ताकत को भी मानती है।
ज्ञान सभा में गूंजी भारत को 'शेर' बनाने की बात
कोच्चि में आरएसएस से जुड़े शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास द्वारा आयोजित 'ज्ञान सभा' को संबोधित करते हुए भागवत ने एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा, "भारत को अब अतीत की 'सोने की चिड़िया' नहीं रहना है, बल्कि अब उसे 'शेर' बनना होगा।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दुनिया शक्ति को समझती है, इसलिए भारत को हर दृष्टि से शक्तिशाली व समृद्ध बनना होगा।'भारत' नाम पर जोर और पहचान की महत्ता
राष्ट्रीय पहचान पर बात करते हुए भागवत ने 'भारत' नाम के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि "इंडिया भारत है, यह सच है, लेकिन भारत भारत है।" उन्होंने कहा कि बातचीत, लेखन या भाषण में, चाहे वह व्यक्तिगत हो या सार्वजनिक, हमें भारत को भारत ही रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपनी पहचान को संरक्षित रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि बिना पहचान के कोई भी देश सम्मान या सुरक्षा नहीं पा सकता। उन्होंने कहा, "यही मूलमंत्र है।"शिक्षा का असली उद्देश्य
भागवत ने शिक्षा के उद्देश्य पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो व्यक्तियों को स्वतंत्र रूप से जीने और समाज में योगदान करने के लिए सक्षम बनाए। उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा त्याग और दूसरों के लिए जीना सिखाती है। जो चीज सिर्फ स्वार्थ को बढ़ावा देती है, उसे सच्ची शिक्षा नहीं कहा जा सकता।
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