भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार सुगमता के लिए एमओसी पर हस्ताक्षर
OM Darpan

नई दिल्ली। भारत और न्यूज़ीलैंड ने द्विपक्षीय व्यापार को और आसान बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दोनों देशों ने वस्तुओं के व्यापार से जुड़े 'इलेक्ट्रॉनिक मूल-स्थान डेटा' के आदान-प्रदान के लिए एक सहयोग ज्ञापन (एमओसी) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह नई व्यवस्था भारत-न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत की गई है, जो 20 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हो चुका है।
इस एमओसी पर 19 अक्टूबर को केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के अध्यक्ष विवेक चतुर्वेदी तथा न्यूज़ीलैंड सीमा शुल्क सेवा (एनज़ेडसीएस) की नियंत्रक एवं मुख्य कार्यकारी क्रिस्टीन स्टीवेंसन ने हस्ताक्षर किए। इस पहल से दोनों देशों के बीच सीमा शुल्क से जुड़ा सहयोग और अधिक सुदृढ़ होगा।
कारोबारियों को मिलेगी निश्चितता
मूल-स्थान डेटा के डिजिटल रूप से अग्रिम साझा होने से सीमा-पार व्यापार अधिक सुरक्षित और कुशल हो जाएगा। इस व्यवस्था के लागू होने से परिचालन दक्षता में सुधार आएगा और सूचनाओं के अभाव में कमी आएगी, जिससे द्विपक्षीय व्यापार से जुड़े व्यापारियों को अधिक निश्चितता मिलेगी।
यह कदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से अपनाई जा रही डिजिटल व्यापार प्रथाओं के पूरी तरह अनुरूप है। इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि मुक्त व्यापार समझौते के तहत मिलने वाली तरजीही सुविधाओं और लाभों का सीधा फायदा दोनों देशों के पात्र कारोबारी प्रतिष्ठानों तक पूरी कुशलता के साथ पहुंच सके।
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