चुनाव आयुक्त के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष राहुल गांधी बोले यह शिवजी की बारात है न्याय मिलने तक नहीं हटेंगे पीछे
OM Darpan
नई दिल्ली
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का विरोध प्रदर्शन अब एक बड़े आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस प्रदर्शन को सीधे तौर पर संविधान और लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई करार दिया है। कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने 'चलो दिल्ली, मार्च फॉर डेमोक्रेसी' के तहत अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है। राहुल गांधी ने साफ कर दिया है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, विपक्ष एक कदम भी पीछे नहीं हटेगा।
यह किसी एक नेता की नहीं बल्कि शिवजी की बारात है
मार्च से पहले मीडिया से मुखातिब होते हुए राहुल गांधी ने इस आंदोलन की तुलना 'शिवजी की बारात' से की। उन्होंने कहा कि इस मार्च में कोई भी शामिल हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी एक राजनीतिक दल या नेता की निजी लड़ाई नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य, उनके सम्मान और भारतीय संविधान की रक्षा का एक बड़ा अभियान है। देश के युवाओं से समर्थन की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग सीधे मार्च में नहीं आ सकते, वे दोपहर तीन बजे सुप्रीम कोर्ट के सामने अपने-अपने तरीके से समर्थन जताएं। राहुल ने चेतावनी दी कि यह आंदोलन एक-दो दिन में खत्म होने वाला नहीं है, इसमें महीनों या एक साल भी लग सकता है।
सरकार पर दिल्ली को जेल में तब्दील करने का आरोप
केंद्र सरकार के रवैये पर तीखा प्रहार करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पूरी दिल्ली को एक जेल में तब्दील कर दिया गया है। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए जगह-जगह भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब विरोध लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से हो रहा है, तो उसे दबाया क्यों जा रहा है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार हर हाल में मुख्य चुनाव आयुक्त को बचाना चाहती है, लेकिन सरकार जितना उन्हें बचाएगी, विपक्ष उतने ही ज्यादा सवाल खड़े करेगा।
पुलिस वाले भी परेशान अब सुप्रीम कोर्ट के दर पर विपक्ष
विपक्ष का यह मार्च शुरुआत में चुनाव आयोग जाने के लिए निकला था, लेकिन पुलिस ने रास्ते में ही नेताओं को रोककर बसों में भर दिया। इसके बाद विपक्ष ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत मांगी, लेकिन वहां और फिर राजघाट पर भी उन्हें रोक दिया गया। अब विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के सामने अपनी बात रखने का फैसला किया है। राहुल ने बताया कि विपक्षी नेता अदालत में एक याचिका भी दाखिल करेंगे। पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए राहुल ने दावा किया कि खुद पुलिस वाले भी डिस्टर्ब हैं और पूछ रहे हैं कि उनसे युवाओं को क्यों पिटवाया जा रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में राहुल ने कड़े तेवर दिखाते हुए दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त रात को सो नहीं पा रहे हैं और विपक्ष अब उन्हें छोड़ने वाला नहीं है।
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