17 सितम्बर 2026 |
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: आरोपियों से जेल हुई में दो घंटे पूछताछ

शेयर करें

OM Darpan

Jul 01, 2026 09:27 pm 150 views
राम मंदिर चढ़ावा चोरी: आरोपियों से जेल हुई में दो घंटे पूछताछ
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपियों से पूछताछ अयोध्याश्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे में करोड़ों रुपये की कथित चोरी के मामले में जांच के दायरे ने अब नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने हाल ही में कोर्ट की अनुमति प्राप्त कर जिला जेल में बंद आरोपियों से दो घंटे तक सघन पूछताछ की है। इस दौरान चोरी के तरीके, चुराई गई रकम के निवेश और गणना प्रक्रिया की विसंगतियों को लेकर कई गंभीर दावे सामने आए हैं। इस जांच की आंच अब ट्रस्ट से जुड़े अनिल मिश्रा तक भी पहुंचती दिख रही है, जिनका नाम आरोपियों ने पूछताछ के दौरान गणना प्रक्रिया के संदर्भ में लिया है। जांच का दायरा अब आरोपियों की संपत्तियों और बैंक खातों तक फैल गया है जिससे बड़े खुलासे की उम्मीद है।

पूछताछ में बड़े खुलासे

सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां इस बात की तह तक जाने का प्रयास कर रही हैं कि इतनी बड़ी राशि लंबे समय तक बिना किसी को भनक लगे कैसे गायब होती रही और इसमें कौन-कौन शामिल थे। सबसे अधिक सवाल-जवाब आरोपी अविनाश मिश्रा से किए गए, क्योंकि उसी के पास से सबसे ज्यादा बरामदगी हुई थी। आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने दान राशि की गणना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों का फायदा उठाया। पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि दान राशि की गणना प्रक्रिया में ट्रस्ट के अनिल मिश्रा की प्रमुख भूमिका रहती थी। हालांकि, पुलिस ने इस पर अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है और न ही किसी व्यक्ति की भूमिका पर अंतिम निष्कर्ष दिया है।

चोरी का अनूठा तरीका

चोरी को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने एक सोची-समझी योजना बनाई थी। पूछताछ में दावा किया गया कि दान पेटी से रकम निकालने का काम केवल एक व्यक्ति करता था, जबकि अन्य आरोपी उसे चारों तरफ से घेर लेते थे। यह घेरा इस तरह बनाया जाता था कि कैमरों की नजर सीधे उस व्यक्ति तक न पहुंच सके। आरोपियों को मंदिर परिसर के सीसीटीवी कैमरों की स्थिति और 'ब्लाइंड स्पॉट्स' की पूरी जानकारी थी। चोरी की गई रकम को तुरंत बाहर ले जाने के बजाय पहले परिसर के ही बाथरूम में छिपाया जाता था और बाद में सुरक्षित मौका देखकर बाहर निकाला जाता था। पुलिस अब इन दावों का सत्यापन सीसीटीवी फुटेज के जरिए कर रही है।

चाबियों के प्रबंधन पर सवाल

गणना कक्ष की सुरक्षा और चाबियों के वितरण पर भी चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आरोपियों के अनुसार, एक चाबी टिन्नू यादव के पास रहती थी और दूसरी बैंक कर्मियों के पास होती थी, जिसका फायदा उठाकर चोरी की गई। हालांकि, बैंक कर्मियों की कथित भूमिका पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वर्तमान में जांच एजेंसियां आरोपियों के दावों का उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सत्यापन कर रही हैं। पुलिस यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि सुरक्षा में रही कमियों को कैसे चिन्हित किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
यह भी पढ़ें: क्राइम से जुड़ी अन्य खबरें
Tags

शेयर करें

विज्ञापन / Advertisement

Government Advertisement
260918004535687

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement