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सच्चाई को पहचान कर भ्रमों से मुक्ति पाएँ –निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज

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OM Darpan

Nov 26, 2024 05:21 am 181 views
सच्चाई को पहचान कर भ्रमों से मुक्ति पाएँ –निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज

हरियाणा। संसार में हम जो कुछ भी अपनी आँखों से देखते हैं या अनुभव करते हैं, वह सभी परिवर्तनशील हैं और इनमें से किसी भी शै को शाश्वत सच्चाई नहीं कहा जा सकता। वास्तविक सच्चाई यह ईश्वर निरंकार है, जो कण-कण में विद्यमान है और जिस पर काल का कोई प्रभाव नहीं पड़ता। निरंतर एकरस रहने वाली इस सच्चाई को अपनाकर निःसंदेह हम अपने भ्रमों से मुक्ति पा सकते हैं। इसी संदेश को सतगुरु माता सुदीक्षा ने समालखा, हरियाणा में आयोजित तीन दिवसीय निरंकारी संत समागम के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के समक्ष प्रस्तुत किया। निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर आयोजित इस 77वें वार्षिक संत समागम में सम्पूर्ण भारतवर्ष से आए भक्तों के साथ-साथ विश्व के अनेक देशों से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस समागम के पावन अवसर पर सतगुरु माता सुदीक्षा ने श्रद्धालुओं को अपने अमृतमय वचनों से अनुग्रहित किया और सच्चाई की पहचान कर जीवन को सार्थक बनाने का आह्वान किया। सतगुरु माता सुदीक्षा ने अपने वचनों में कहा कि हम अक्सर अपनी आदतों और विचारों तक सीमित रहते हैं। अपनी आदतों और कमजोरियों को पहचानकर उन्हें दूर करना ही जीवन में विस्तार का रूप है। यदि हमारी सोच में हम दूसरों के लाभ को सम्मिलित कर लेते हैं, तो यह सच्चे विस्तार का प्रतीक होगा। उन्होंने कहा कि भक्ति न केवल साधन है बल्कि साध्य भी है। ब्रह्मज्ञान द्वारा मनुष्य की सोच का विस्तार होता है, जिससे उसके मन में प्रेम, दया और करुणा के भाव उत्पन्न होते हैं। इसके बाद मानव की सोच का विस्तार असीम की ओर होता है और वह समाज में एक सकारात्मक भूमिका निभाने में समर्थ होता है।  
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