बांग्लादेश में तनाव: पूर्वी आर्मी कमांडर ने किया सीमा दौरा
OM Darpan
बांग्लादेश में 'जुलाई विद्रोह' के नेता की मौत के बाद तनाव
ईस्टर्न आर्मी कमांडर ने किया सीमा का दौरा, सुरक्षा स्थिति की गहन समीक्षा
कोलकाता/अगरतला.
बांग्लादेश में जुलाई विद्रोह के प्रमुख चेहरे रहे शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद पड़ोसी मुल्क में तनाव चरम पर है। वहां भड़की हिंसा और आगजनी की घटनाओं के बीच भारतीय सेना पूरी तरह सतर्क है। इसी कड़ी में सेना की पूर्वी कमान (Eastern Command) के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल रामचंद्र तिवारी ने शुक्रवार को त्रिपुरा और मिजोरम से सटी भारत-बांग्लादेश सीमा का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
त्रिपुरा और मिजोरम बॉर्डर पर हाई अलर्ट
कोलकाता स्थित पूर्वी कमान मुख्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, आर्मी कमांडर (जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ) लेफ्टिनेंट जनरल तिवारी ने वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ दक्षिण त्रिपुरा की बेलोनिया सीमा चौकी का निरीक्षण किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मौजूदा हालात की गहन समीक्षा की और बीएसएफ (BSF) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।
इसके अलावा, आर्मी कमांडर ने सेना की स्पीयर कोर के तहत मिजोरम के परवा में असम राइफल्स और बीएसएफ के कंपनी ऑपरेटिंग बेस का भी दौरा किया। उन्होंने सीमा पर तैनात सेना, बीएसएफ और असम राइफल्स के जवानों की मुस्तैदी, निष्ठा और 'हाई ऑपरेशनल' तैयारियों की जमकर सराहना की।
यूनुस के संबोधन के बाद भड़की हिंसा
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने राष्ट्र के नाम एक टेलीविजन संबोधन में इंकलाब मंच के नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत की पुष्टि की थी। इस ऐलान के बाद शुक्रवार को पूरे बांग्लादेश में तनाव फैल गया। देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन, तोड़फोड़ और हिंसा की खबरें सामने आईं।
भारतीय उच्चायोग आवास पर पथराव
हालात इतने बिगड़ गए कि गुरुवार रात चटगांव स्थित भारतीय सहायक उच्चायुक्त के आवास को भी निशाना बनाया गया और वहां पथराव किया गया। इन हिंसक घटनाओं को देखते हुए भारतीय सुरक्षा एजेंसियां सीमा पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
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