11 अक्टूबर 2026 |
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

युवा संगम के तहत उत्तराखंड के प्रतिनिधिमंडल ने किया पश्चिम बंगाल का दौरा

शेयर करें

OM Darpan

Oct 11, 2026 08:01 pm 476 views
युवा संगम के तहत उत्तराखंड के प्रतिनिधिमंडल ने किया पश्चिम बंगाल का दौरा


कोलकाता। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' कार्यक्रम के तहत 'युवा संगम' के सातवें चरण का संचालन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत उत्तराखंड के युवाओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने पश्चिम बंगाल की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक यात्रा की। इसका मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं में राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना और आपसी संबंधों को मजबूत करना है।


Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

आईआईटी खड़गपुर कर रहा मेजबानी

उत्तराखंड के इस प्रतिनिधिमंडल का नोडल संस्थान हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय है। दल की पश्चिम बंगाल यात्रा 7 अक्टूबर को भव्य स्वागत के साथ शुरू हुई। इस प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी आईआईटी खड़गपुर द्वारा की जा रही है। यहां युवा प्रतिभागियों को राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत, जीवंत परंपराओं और शैक्षणिक परिदृश्य को करीब से जानने का शानदार अवसर मिल रहा है।


राज्यपाल आरएन रवि से की मुलाकात

यात्रा के दौरान 8 अक्टूबर को प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल आर.एन. रवि से खास मुलाकात की। इस दौरान शिक्षा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और देश के विभिन्न हिस्सों से आए युवाओं के बीच संबंध मजबूत करने के महत्व पर सार्थक चर्चा हुई। इस बातचीत ने छात्रों और शिक्षकों को पश्चिम बंगाल की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को समझने और बहुमूल्य दृष्टिकोण प्राप्त करने का अवसर दिया।


प्रिंसेप घाट और सुंदरवन का किया भ्रमण

अपनी सांस्कृतिक यात्रा के क्रम में दल ने 9 अक्टूबर को कोलकाता में हुगली नदी के किनारे स्थित प्रिंसेप घाट और विश्व प्रसिद्ध सुंदरवन का दौरा किया। प्रिंसेप घाट के ऐतिहासिक आकर्षण और मनोरम परिवेश ने प्रतिभागियों की युवा संगम यात्रा को और भी यादगार बना दिया।


विविधता में एकता का संदेश

यह पूरा कार्यक्रम 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिभागियों को भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं और विकासात्मक पहलों से जोड़ता है। यह यात्रा युवाओं को नए स्थानों की खोज करने, विभिन्न समुदायों से बातचीत करने और भौगोलिक सीमाओं से परे स्थायी मित्रता बनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, जिससे एक समावेशी और एकजुट भारत की परिकल्पना मजबूत हो रही है।

शेयर करें

विज्ञापन / Advertisement

विज्ञापन

Advertisement