पंजाब में भाजपा-अकाली दल गठबंधन की चर्चा से गरमाई सियासत, नाराज नेताओं को मनाने की कवायद तेज
OM Darpan
Aug 10, 2026 09:59 pm
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10 Aug 2026
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[ सीटों के बंटवारे और संगठनात्मक असंतोष ने बढ़ाई पार्टी की चिंता ]
भारतीय जनता पार्टी के कई नेता लंबे समय से अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। ऐसे में गठबंधन होने पर उन्हें यह समझाना नेतृत्व के लिए मुश्किल होगा कि जिन सीटों पर उन्होंने संगठन खड़ा करने के लिए मेहनत की है, उनमें से कुछ सीटें अकाली दल के लिए क्यों छोड़ी जाएं। पार्टी के भीतर संगठनात्मक असंतोष भी चिंता का विषय बना हुआ है। हाल ही में छह जिलाध्यक्षों को नियुक्ति के महज बारह दिनों के भीतर पद से हटा दिया गया था। इसके अलावा युवा मोर्चा के अध्यक्ष अनुज खोसला की नियुक्ति को लेकर भी कुछ नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई थी। पूर्व मंत्री तीक्ष्ण सूद ने भी इस मामले में अपनी नाराजगी जाहिर की थी। भाजपा के लिए अब अकाली दल से गठबंधन का फैसला केवल सीटों के बंटवारे तक सीमित नहीं होगा, बल्कि पार्टी के भीतर सभी धड़ों को साथ रखना भी एक अग्निपरीक्षा साबित होगा।जरूरी खबरें
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