हौसलों की उड़ान: स्वास्थ्य चुनौतियों को मात देकर महासमुंद की बेटी ने साधा अचूक निशाना, नेशनल गेम्स में दिखाएगी जौहर, मुख्यमंत्री बोले - "आप जैसी प्रतिभाएं छत्तीसगढ़ की नींव"
OM Darpan
Jul 23, 2025 05:50 am
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23 Jul 2025
रायपुर।
जन्म से ही स्वास्थ्यगत चुनौतियों से जूझने वाली महासमुंद की एक बेटी ने अपने हौसलों के तरकश से ऐसा तीर चलाया है, जो सीधे राष्ट्रीय खेलों के लक्ष्य पर जा लगा है। महासमुंद की नवोदित तीरंदाज नवलीन कौर ने तमाम बाधाओं को पार करते हुए आगामी नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ के लिए अपनी जगह पक्की कर ली है। उनकी इस शानदार उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने न केवल उन्हें बधाई दी, बल्कि यह भी कहा कि नवलीन जैसी प्रतिभाएं ही छत्तीसगढ़ के भविष्य की नींव हैं, जिन्हें सरकार हर कदम पर संवारेगी।
यह कहानी है दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत से तकदीर को बदलने की। यह कहानी है महासमुंद की उस बेटी की, जिसने लोगों की सहानुभूति भरी निगाहों को अपनी ताकत बनाया और आज पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन गई है।
हर खिलाड़ी को मिलेगा मंच और संसाधन: मुख्यमंत्री
प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को निखारने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के हर खिलाड़ी को उसकी मेहनत, लगन और क्षमता के अनुरूप अवसर, संसाधन और मंच उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है। उन्होंने नवलीन कौर को राष्ट्रीय खेलों के लिए चयनित होने पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि क्रिकेट के इस दौर में अगर कोई खिलाड़ी तीरंदाजी जैसे विशिष्ट खेल में देश के लिए पदक लाने का सपना देख रहा है, तो यह अत्यंत सराहनीय और प्रेरणास्पद है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सरकार नवलीन को खेल के हर स्तर पर निखारने के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करेगी।चुनौतियों को बनाया ताकत, खेल को चुना जीवन-मार्ग
महासमुंद जिले के बागबाहरा निवासी अरविंद एवं रंजीत कौर छाबड़ा की सुपुत्री नवलीन का जन्म गर्भावस्था के सातवें महीने में ही हो गया था, जिसके कारण बचपन में उन्हें कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा। रिश्तेदार और परिचित जब भी मिलते, उनकी तबीयत को लेकर सवाल करते, जिससे वह कभी-कभी उदास हो जाती थीं। लेकिन नवलीन ने इस चुनौती के सामने घुटने नहीं टेके, बल्कि इसे अपनी सबसे बड़ी ताकत में बदल दिया और खुद को साबित करने के लिए खेल के मैदान को अपना जीवन-मार्ग चुना।सफलता का सफर: राज्य से राष्ट्रीय स्तर तक मनवाया लोहा
वर्ष 2018 में नवलीन ने अपने घर से पांच किलोमीटर दूर बिहाझर बालाश्रम में तीरंदाजी का प्रशिक्षण शुरू किया और महासमुंद जिले की पहली महिला तीरंदाज बनीं। स्कूली शिक्षा के दौरान ही उन्होंने दो बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीते और एक राष्ट्रीय स्कूली प्रतियोगिता में चौथा स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। फरवरी 2025 में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक पर निशाना साधकर उन्होंने राष्ट्रीय खेलों के लिए अपना टिकट पक्का कर लिया। इससे पहले 2023 में भी उन्होंने गुजरात में आयोजित एफजीएफआई राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया था।लक्ष्य अंतर्राष्ट्रीय पदक, आधुनिक धनुष से साधेंगी निशाना
नवलीन का सपना अब अंतर्राष्ट्रीय फलक पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक जीतना है। उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में कंपाउंड बो का उपयोग होता है, जिसे देखते हुए उनके परिजनों ने उन्हें एक नया आधुनिक कंपाउंड धनुष दिलाया है। इसकी शानदार शुरुआत करते हुए उन्होंने सिटी ओपन तीरंदाजी प्रतियोगिता में कंपाउंड राउंड बालिका वर्ग में प्रथम स्थान भी हासिल किया है। वर्तमान में नवलीन कोच एवन साहू एवं खेल अधिकारी मनोज धृतलहरे के मार्गदर्शन में तीरंदाजी की बारीकियां सीख रही हैं। उनकी यह यात्रा छत्तीसगढ़ के हजारों युवाओं को यह संदेश देती है कि अगर इरादों में दम हो तो कोई भी लक्ष्य भेदना असंभव नहीं है।
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