श्री दावरा विश्वविद्यालय में अनियमितताओं को लेकर ABVP का हल्लाबोल, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
OM Darpan
रायपुर।
राजधानी स्थित श्री दावरा विश्वविद्यालय में फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) की मान्यता को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने और उन्हें गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाते हुए सिटी कार्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया।
व्यापार का केंद्र बना शिक्षा का मंदिर: सुजल गुप्ता
ABVP रायपुर महानगर मंत्री सुजल गुप्ता ने विश्वविद्यालय प्रबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रशासन ने शिक्षा के मंदिर को व्यापार का केंद्र बना दिया है। उनकी अनैतिक कार्यप्रणाली से छात्रों का न केवल आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि उनका शैक्षणिक भविष्य भी अंधकार में डूब गया है।
अंधेरे में छात्र: बिना फैकल्टी और मान्यता के चल रहा खेल
ABVP ने विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर तीन प्रमुख अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं:
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झूठा आश्वासन: प्रवेश के समय छात्रों को गलत जानकारी दी गई कि संस्थान के पास PCI की मान्यता है।
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नियमों का उल्लंघन: विश्वविद्यालय में पर्याप्त फैकल्टी नहीं है। परीक्षा से महज एक महीने पहले कक्षाएं शुरू की गईं, जो मानकों के विरुद्ध है।
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मानसिक शोषण: छात्रों को केवल आय का स्रोत माना जा रहा है, उनके करियर के प्रति प्रशासन पूरी तरह गैर-जिम्मेदार है।
फीस वापसी और मुआवजे की मांग
परिषद ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि धोखाधड़ी के शिकार छात्रों की पूरी फीस तत्काल वापस की जाए। साथ ही, बर्बाद हुए शैक्षणिक वर्ष और मानसिक प्रताड़ना के लिए छात्रों को उचित मुआवजा दिया जाए। ABVP ने मांग की है कि विश्वविद्यालय अपनी मान्यता की स्थिति सार्वजनिक करे। यदि जल्द निराकरण नहीं हुआ, तो परिषद उग्र आंदोलन और विश्वविद्यालय बंद करने जैसे कदम उठाएगी।
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