बस्तर ने रचा इतिहास! आकांक्षी जिलों में जीता गोल्ड मेडल
OM Darpan
Aug 01, 2025 11:44 am
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01 Aug 2025
रायपुर।
छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य स्तरीय आकांक्षी जिला श्रेणी में बस्तर को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया जाएगा। यह गौरवपूर्ण सम्मान 2 अगस्त को रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदान किया जाएगा। इसी कड़ी में, बस्तर जिले के तोकापाल विकासखंड को भी आकांक्षी ब्लॉक श्रेणी में कांस्य पदक से नवाजा गया है।
दोनों पुरस्कार नीति आयोग द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी आकांक्षी जिला एवं विकासखंड कार्यक्रम के अंतर्गत 'सम्पूर्णता अभियान' के तहत दिए गए हैं। यह सम्मान अभियान के दौरान निर्धारित 6 प्रमुख सूचकांकों में शत-प्रतिशत क्रियान्वयन के आधार पर प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने दी बधाई, अन्य जिलों से भी की अपील
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर जिले के प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और जनता को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया आकांक्षी जिलों का अभियान स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और एक-दूसरे से सीखने का एक सशक्त माध्यम बन रहा है, जिससे विकास को गति मिल रही है। मुख्यमंत्री साय ने जनभागीदारी सुनिश्चित करते हुए क्षमता विकास और श्रेष्ठ गतिविधियों को अपनाकर लोगों का जीवनस्तर बेहतर करने पर जोर दिया। उन्होंने प्रदेश के अन्य जिलों से भी आह्वान किया कि वे बस्तर की भांति उत्कृष्ट पहलों को अपनाकर विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में सक्रिय योगदान दें।'सम्पूर्णता अभियान' की सफलता और जनभागीदारी
नीति आयोग द्वारा आकांक्षी जिला एवं विकासखंड कार्यक्रम के अंतर्गत 'सम्पूर्णता अभियान' 4 जुलाई से 30 सितंबर 2024 तक संचालित किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि और महिला सशक्तिकरण के तहत चिन्हांकित छह सूचकांकों में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करना था। इस अभियान के दौरान बस्तर जिले में विभिन्न विभागों ने उल्लेखनीय कार्य किए। कृषि विभाग ने 8,500 किसानों के सॉयल हेल्थ कार्ड बनाकर वितरित किए। स्वास्थ्य विभाग ने सभी सात विकासखंडों में कुल 1,922 गर्भवती महिलाओं का एएनसी (एंटीनेटल केयर) पंजीयन कराया और टीकाकरण के तहत 1,801 शिशुओं को शत-प्रतिशत टीके लगाए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग ने 7,894 हितग्राहियों को पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराया। स्कूल शिक्षा विभाग ने 177 स्कूलों में विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित की और समग्र शिक्षा अभियान के माध्यम से पाठ्यपुस्तकों का शत-प्रतिशत वितरण किया। इस अभियान के दौरान बस्तर जिले के ग्रामीण और आंतरिक क्षेत्रों में लक्षित लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाने में सफलता मिली। पंचायत विभाग सहित सभी विभागों ने मिलकर जनभागीदारी आधारित एक प्रभावी मॉडल प्रस्तुत किया, जिसके परिणामस्वरूप सभी छह सूचकांकों पर लक्ष्य प्राप्त किए गए।आकांक्षी जिला कार्यक्रम: एक राष्ट्रव्यापी पहल
यह उल्लेखनीय है कि आकांक्षी जिला कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जनवरी 2018 में की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य देश के 112 सबसे पिछड़े जिलों का समग्र और तीव्र विकास सुनिश्चित करना है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का अभिसरण, अधिकारियों के परस्पर सहयोग और मासिक डेल्टा रैंकिंग के माध्यम से जिलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया गया है। कार्यक्रम की विशेषता यह है कि यह प्रत्येक जिले की क्षमता को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना तैयार करता है, त्वरित सुधार के लिए जरूरी पहलों की पहचान करता है और 5 सामाजिक-आर्थिक क्षेत्रों – स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं जल संसाधन, वित्तीय समावेशन एवं कौशल विकास, और बुनियादी ढांचे के अंतर्गत 49 प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों पर मासिक प्रगति को मापता है। जिलों के प्रदर्शन की जानकारी “चौम्पियंस ऑफ चेंज” पोर्टल (championsofchange.gov.in) पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई जाती है। नीति आयोग विभिन्न मंत्रालयों और विकास भागीदारों के साथ मिलकर जिलों की क्षमताओं को बढ़ाने, उनकी प्रगति को तेज करने और श्रेष्ठ पहलों को विकसित कर उन्हें दोहराने के लिए प्रोत्साहित करता है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सतत विकास लक्ष्यों को स्थानीय स्तर पर लागू कर राष्ट्र की प्रगति को सशक्त करना है।
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