मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर में बस्तरिया बटालियन की जवान प्रमिका दुग्गा की मां से की आत्मीय बातचीत
OM Darpan
Nov 21, 2024 12:33 am
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21 Nov 2024
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रायपुर।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर जिले के सेडवा स्थित सीआरपीएफ बस्तरिया बटालियन के दौरे के दौरान जवान प्रमिका दुग्गा की मां से फोन पर आत्मीयता भरी बातचीत की। मुख्यमंत्री ने जवानों के साथ रात्रि विश्राम करते हुए अगले दिन विदा लेते समय प्रमिका से उसका हाल-चाल जाना और उसकी मां श्रीमती मोतीबाई से भी बात करने की इच्छा जताई। प्रमिका ने अपनी मां को मोबाइल से फोन लगाया और मुख्यमंत्री से उनकी बात कराई।
मुख्यमंत्री ने बातचीत के दौरान प्रमिका की मां से घर-परिवार के सभी सदस्यों का हाल-चाल लिया और खेतों में धान की कटाई के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने परिवार द्वारा उगाई जा रही फसलों के बारे में भी पूछा। बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने विनोदपूर्वक श्रीमती मोतीबाई से पूछा, "घर आने पर चापड़ा चटनी खिलाएंगे?" इस पर मोतीबाई ने सहज भाव से कहा, "जब भी आप आएंगे, जरूर खिलाऊंगी।" इस आत्मीय संवाद ने सभी जवानों के दिल को छू लिया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने दौरे के दौरान बस्तरिया बटालियन के जवानों के साथ रात्रि विश्राम किया। उन्होंने जवानों के साथ समय बिताते हुए उनके अनुभवों और चुनौतियों के बारे में जाना। उन्होंने जवानों के बीच बैठकर भोजन किया और अपने हाथों से भोजन परोसा। मुख्यमंत्री के इस सादगी और अपनत्व भरे व्यवहार ने सभी जवानों का दिल जीत लिया। जवानों ने भी मुख्यमंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए और अपनी जिम्मेदारियों के बारे में चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने जवानों की हौसलाअफजाई करते हुए कहा, "आप सभी हमारे देश के वीर सपूत हैं, जिनके बलिदान और समर्पण के कारण ही हमारा देश सुरक्षित है। आपके परिवार भी आपके इस सेवा भाव में बराबर के भागीदार हैं, और मैं उनका भी धन्यवाद करता हूं।" मुख्यमंत्री ने जवानों को यह विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार हमेशा उनके साथ खड़ी है और उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए तत्पर है।
मुख्यमंत्री ने जवानों से बातचीत के बाद कैंप का दौरा भी किया और बटालियन द्वारा की जा रही सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की सराहना की और जवानों के प्रशिक्षण और संसाधनों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने जवानों की कड़ी मेहनत और समर्पण के लिए उनकी सराहना की।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने किसानों के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा, "जवानों और किसानों से ही हमारा धान का कटोरा सुरक्षित और समृद्ध है। जवान देश की सुरक्षा में तैनात हैं, वहीं किसान हमारी अन्न की आवश्यकताओं को पूरा कर रहे हैं। दोनों ही हमारे देश के मजबूत स्तंभ हैं। जय जवान, जय किसान का भाव हम सभी के हृदय में होना चाहिए।" उन्होंने किसानों की मेहनत और समर्पण को देश की समृद्धि का आधार बताया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का यह दौरा न केवल जवानों के मनोबल को बढ़ाने वाला था, बल्कि इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि वे अपने जवानों और किसानों के प्रति गहरा सम्मान और जुड़ाव रखते हैं। उनके इस आत्मीय और संवेदनशील व्यवहार ने यह सिद्ध कर दिया कि वे न केवल जवानों की, बल्कि घर से दूर उनके परिवारों की भी चिंता करते हैं।
मुख्यमंत्री ने अंत में प्रमिका की मां श्रीमती मोतीबाई को प्रणाम करते हुए कहा, "आपकी बेटी यहां बहुत अच्छे से रह रही है और देश सेवा में लगी हुई है। मैं जब भी नारायणपुर आऊंगा तब आप सभी से मुलाकात करूंगा।" इस आत्मीयता भरे संवाद ने सभी जवानों के मन में यह भाव पैदा किया कि मुख्यमंत्री उनके परिवार की भी उतनी ही चिंता करते हैं जितनी वे खुद करते हैं।
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