
सुकमा।
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के मेट्टागुड़ा क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए विस्फोटक सामाग्रियों का बड़ा डंप बरामद किया है। यह कार्रवाई सुरक्षा बलों द्वारा नक्सलियों के मंसूबों को नाकाम करने के लिए की गई।
सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई में 203 वाहिनी कोबरा, 131 वाहिनी सीआरपीएफ और जिला बल शामिल थे। इस अभियान की शुरुआत 22 जनवरी 2025 को मेट्टागुड़ा और दुलेड के बीच जंगल क्षेत्र में की गई, जब नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना मिली थी। सुरक्षा बलों की पार्टी ने आरओपी और डेप्ट प्रोटेक्शन ड्यूटी के लिए अभियान शुरू किया था।
अभियान के दौरान, दोपहर लगभग 3:00 बजे, मेट्टागुड़ा से दुलेड के जंगलों में भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और अन्य नक्सली सामग्री बरामद हुई। इस सामाग्री में BGL सेल बनाने का सामग्री, विस्फोटक सामग्री और नक्सली उपकरण शामिल थे। इन सामग्रियों को नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने की नीयत से छिपा रखा था।
नक्सलियों के बरामद डंप सामग्रियों का विवरण:
- लोहे की पाइप व्यास 1″ लंबाई लगभग 2 फीट – 09 नग
- लोहे की पाइप व्यास .75″ लंबाई लगभग 2 फीट – 28 नग
- लोहे की पाइप व्यास 1.5″ लंबाई लगभग 1 फीट – 04 नग
- मिश्र धातु शीट – 13 नग
- गैस वेल्डिंग के लिए बड़े आकार के ऑक्सीजन गैस सिलेंडर का उपयोग – 01 नग
- गैस वेल्डिंग के लिए छोटे आकार के ऑक्सीजन गैस सिलेंडर का उपयोग – 01 नग
- कार्बाइड टैंक – 01 नग
- सोलर होम लाइटिंग सिस्टम कैबिनेट की बॉडी – 01 नग
- होंडा जेन सेट 1000 EBK – 01 नग
- हैंड ड्रिल मशीन – 01 नग
- फायर ब्लोअर – 01 नग
- BGL बम – 14 नग
- IED – 21 नग
- इस्तेमाल किया गया डेटोनेटर वायर – 74 नग
- BGL बम पाउच – 03 नग
- छोटा BGL बम – 04 नग
- सफाई ब्रश – 01 नग
- स्विच के साथ छोटी ट्यूब लाइट – 01 नग
- सफेद रंग का विस्फोटक पाउडर लगभग – 1.5 किलोग्राम
- बीजीएल बम आयरन टेल यूनिट – 19 नग
- लेवलिंग पाइप – 10 मीटर
- प्रिज्मेटिक सेल – 03 नग
- रेडियो सेट कवर बीओफ़ेंग – 04 नग
- रेडियो ट्रांजिस्टर कैबिनेट – 01 नग
- रेडियो सेट चार्जर कवर – 01 नग
- मगरमच्छ क्लिप – 11 नग
- मल्टीमीटर कैबिनेट – 01 नग
- छोटी पेंसिल बीटीवाई – 05 नग
- लोहे की पाइप – कुल 2 फीट
- बीजीएल राउंड – 04 नग
- ग्रीस लगभग – 1 किलोग्राम
सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के इन मंसूबों को नाकाम करते हुए सभी बरामद सामग्रियों को सुरक्षित रूप से वापस अपने कैंप में ले जाकर स्थिति का नियंत्रण किया। यह कार्रवाई नक्सल विरोधी अभियान के तहत की गई, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में नक्सल उन्मूलन अभियान जारी है।









