रायगढ़। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई वाली सरकार बिजली सेवाओं को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए स्मार्ट मीटर तकनीक पर जोर दे रही है। प्रदेश में इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से उपभोक्ताओं को गलत बिलिंग और मीटर रीडिंग की पुरानी समस्याओं से मुक्ति मिल रही है। शासन की इस पहल से न केवल विभाग की कार्यक्षमता बढ़ी है, बल्कि आम जनता का भरोसा भी बिजली विभाग पर मजबूत हुआ है।
मोहन सोनी ने बताया स्मार्ट मीटर का फायदा
रायगढ़ निवासी मोहन सोनी ने बताया कि उनके घर में स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिजली की खपत की बिल्कुल सटीक जानकारी मिल रही है। सोनी का कहना है कि अब जितनी बिजली खर्च होती है, उसका रिकॉर्ड स्वतः दर्ज हो जाता है। उन्होंने विशेष तौर पर उल्लेख किया कि ‘मोर बिजली’ मोबाइल एप के माध्यम से वे घर बैठे ही मीटर रीडिंग और खपत देख सकते हैं, जिससे बिजली की बचत करना और फिजूलखर्ची पर लगाम लगाना आसान हो गया है।
सुलभ हुई विद्युत वितरण प्रणाली
स्मार्ट मीटर व्यवस्था से छत्तीसगढ़ शासन और विद्युत विभाग की छवि में व्यापक सुधार हुआ है। तकनीक के समावेश से पूरी बिलिंग प्रक्रिया विश्वसनीय बनी है। उपभोक्ता मोहन सोनी ने इस जनहितैषी पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जताते हुए कहा कि यह सुविधा सीधे तौर पर उपभोक्ताओं के हित में है। आधुनिक तकनीक के उपयोग से बिजली सेवाओं को सरल, सुलभ और जवाबदेह बनाने की दिशा में यह छत्तीसगढ़ सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।









