छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति से प्रभावित नक्सली दंपत्ति ने किया आत्मसमर्पण
OM Darpan
Sep 13, 2024 07:54 pm
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13 Sep 2024
कालाहांडी एरिया कमेटी के नक्सली दंपत्ति ने छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति के तहत किया आत्मसमर्पण, दोनों पर था 2 लाख का इनाम।
सुकमा (कौशल संदुजा)।
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ पुलिस की सख्त रणनीति और राज्य की "नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति" के तहत एक और सफलता हाथ लगी है। केकेबीएन डिवीजन के अंतर्गत सक्रिय कालाहांडी एरिया कमेटी के नक्सली दंपत्ति देवेन्द्रो उर्फ आयतु कुंजाम और मड़कम हड़मे ने आत्मसमर्पण कर दिया। दोनों पर 1-1 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
इस आत्मसमर्पण को छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल उन्मूलन नीति के साथ-साथ "नियद नेल्ला नार" योजना की सफलता के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें अंदरूनी इलाकों में नए सुरक्षा कैम्प स्थापित कर पुलिस का प्रभाव बढ़ाया गया। इन नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करने में थाना चिंतागुफा पुलिस, 50 वाहिनी सीआरपीएफ, रेंज फिल्ड टीम कोंटा (आरएफटी) और 206 कोबरा वाहिनी की आसूचना शाखा का विशेष योगदान रहा।
देवेन्द्रो उर्फ आयतु कुंजाम (28 वर्ष) और उनकी पत्नी मड़कम हड़मे (26 वर्ष) ने 12 सितंबर 2024 को सुकमा के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आत्मसमर्पण किया। देवेन्द्रो कालाहांडी एलओएस पार्टी का सदस्य था और विभिन्न नक्सली गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा चुका है, जिनमें पुलिस मुठभेड़ और सड़क अवरोधन जैसी घटनाएं शामिल हैं। मड़कम हड़मे भी कालाहांडी एलओएस पार्टी की सदस्या रही है और उसने भी कई मुठभेड़ों में भाग लिया है।
इन दोनों नक्सलियों के खिलाफ ओडिशा राज्य के भावानीपटना सरदार थाना में गंभीर अपराधों के तहत मामले दर्ज हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास योजना के तहत आर्थिक सहायता और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
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