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अमावस में गूंजा ‘मानव-मानव एक समान’ का संदेश; अशवंत तुषार साहू बोले- बाबा ने जातिवाद मिटाकर मानवता का पाठ पढ़ाया

अशवंत तुषार साहू

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महासमुंद।

महासमुंद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम अमावस में गुरु घासीदास जयंती का पर्व हर्षोल्लास और भक्तिमय माहौल में मनाया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में भाजपा किसान नेता अशवंत तुषार साहू मुख्य रूप से शामिल हुए। कार्यक्रम स्थल पर पहुँचने पर समाज के प्रतिनिधियों द्वारा चंदन-वंदन और फूल-माला पहनाकर उनका भव्य और आत्मीय स्वागत किया गया।

सभा को संबोधित करते हुए अशवंत तुषार साहू ने बाबा गुरु घासीदास के जीवन और दर्शन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु घासीदास (1756–1850) भारत के एक महान संत थे, जिनका अवतरण छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के गिरौदपुरी गांव में पिता महंगुदास जी और माता अमरौतिन के यहाँ हुआ था।

शोषण और जातिवाद के खिलाफ जलाई अलख

अपने उद्बोधन में साहू ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास सतनाम पंथ, जिसे आम बोलचाल में ‘सतनामी समाज’ कहा जाता है, के प्रवर्तक थे। उन्होंने अपने समय में व्याप्त सामाजिक-आर्थिक विषमता, शोषण तथा जातिवाद को समाप्त कर समाज को ‘मानव-मानव एक समान’ का अमूल्य संदेश दिया। उनके विचारों और आदर्शों से समाज के लोग अत्यंत प्रभावित थे और आज भी उनका मार्ग हमें प्रेरणा देता है।

इस भव्य आयोजन में प्रमुख रूप से पूर्व विधायक संजय ढीढी, अध्यक्ष बलराम साहू, थानु साहू, रमेश पटेल, ईश्वर निषाद और लकी पटेल उपस्थित रहे। इसके अलावा कार्यक्रम में अत्यधिक संख्या में ग्रामीण जनों की उपस्थिति रही, जिन्होंने बाबा के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

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