दुर्ग (लोकेश्वर सिंह ठाकुर)।
जनजातीय समुदाय के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में एक और सार्थक कदम उठाते हुए, शासन ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत दुर्ग जिले के नवागांव गांव में एक महत्वपूर्ण शिविर का आयोजन किया। 23 जून 2025 की सुबह जब गांव के लोग अपने घरों से निकले, तो सामने सरकारी योजनाओं का एक समर्पित कारवां था—उम्मीदों से भरा हुआ।

शिविर में उमड़ा ग्रामीणों का सैलाब
धमधा विकासखंड स्थित इस ग्राम में हुए आयोजन में करीब 500 ग्रामीण मौजूद रहे। हर व्यक्ति के चेहरे पर उम्मीद की एक रेखा थी—किसी को अपना आधार कार्ड बनवाना था, तो कोई आयुष्मान कार्ड के जरिए अपने परिवार की सुरक्षा चाहता था।
यह सिर्फ एक शिविर नहीं था, यह था—सरकार और जनजातीय समुदाय के बीच विश्वास का एक पुल।
सरकार की योजनाएं, एक मंच पर
इस अवसर पर जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए अनेक सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई गईं। आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री किसान क्रेडिट कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, निवास व आय प्रमाण पत्र, मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम कार्ड जैसी जरूरी सुविधाओं के साथ-साथ सिकल सेल की जांच और स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया।
प्रशासनिक उपस्थिति बनी प्रेरणा का स्रोत
शिविर को सफल बनाने में प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। ट्राईफेड रायपुर, जनजातीय कार्य मंत्रालय से सहायक प्रबंधक सुशील कुमार और लघु वनोपज अधिकारी अविनाश पटेल मौके पर उपस्थित रहे। ग्राम की सरपंच कमला बाई मिर्झा समेत कई गणमान्य जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
“लाभ पाकर ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी लौट आई”
सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास दुर्ग के अनुसार, धरती आबा अभियान के तहत विभिन्न योजनाओं का लाभ देकर जनजातीय वर्ग को सशक्त किया जा रहा है। इस शिविर में मिली सुविधाओं के बाद गांव में खुशी का माहौल बन गया है—हर कोई अपने अनुभव साझा करते हुए दिखा कि कैसे अब उनकी छोटी-छोटी परेशानियों का हल सरकारी योजनाओं में छुपा है।









