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बस्तर में बदली तस्वीर: जिस अबूझमाड़ में डरता था जमाना, वहां 10 हजार लोगों के साथ दौड़ पड़े ‘आत्मसमर्पित नक्सली’

Abujhmad Peace Half Marathon 2026

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  • अबूझमाड़ मैराथन 2026: शांति के लिए दौड़ा बस्तर, सीएम साय ने दिखाई हरी झंडी


रायपुर/नारायणपुर | 

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में बदलाव की एक ऐतिहासिक इबारत लिखी गई है। कभी नक्सलवाद का गढ़ माने जाने वाले अबूझमाड़ की धरती से आज देश और दुनिया को शांति का ऐसा संदेश मिला, जिसकी गूंज दूर तक जाएगी। मौका था ‘अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2026’ का, जहां डर पर भरोसे की जीत हुई।

नारायणपुर में आयोजित इस ऐतिहासिक मैराथन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अलसुबह न केवल धावकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, बल्कि खुद भी दौड़ लगाकर शांति के इस महाकुंभ में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। इस आयोजन में 10 हजार से अधिक धावकों ने हिस्सा लिया, जिसमें 60 से अधिक विदेशी प्रतिभागी भी शामिल थे।

Abujhmad Peace Half Marathon 2026

31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे का संकल्प

धावकों का उत्साह बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंच से एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह ‘डबल इंजन’ सरकार की नीतियों का असर है कि आज बस्तर की फिजा बदल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा, “31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का लक्ष्य तय किया गया है। बस्तर जल्द ही लाल आतंक से पूरी तरह मुक्त होगा और खुशियों से आबाद होगा।”

अबूझमाड़ में अब विकास की दौड़

सीएम साय ने कहा कि जिस अबूझमाड़ में कभी आम नागरिकों और जवानों का पहुंचना कठिन था, आज वहां हजारों लोग बेखौफ एकत्रित हुए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि बस्तर क्षेत्र के लिए हाल ही में 351 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया है। पिछले चार दशकों से जो क्षेत्र विकास से वंचित था, अब वहां विकास की गंगा निरंतर बहेगी।

जब दौड़ में शामिल हुए आत्मसमर्पित नक्सली

इस आयोजन का सबसे भावुक और ऐतिहासिक पहलू वह था, जब हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौट चुके ‘आत्मसमर्पित नक्सलियों’ ने भी मैराथन में दौड़ लगाई। शांति और सद्भाव की इस दौड़ में स्थानीय अबूझमाड़िया जनजाति और युवाओं के साथ कदम से कदम मिलाकर उन्होंने यह संदेश दिया कि अब रास्ता हिंसा का नहीं, विकास का है।

नारायणपुर से बासिंग तक 21 किमी का सफर

यह हाफ मैराथन 21 किलोमीटर लंबी थी, जो नारायणपुर से शुरू होकर बासिंग तक आयोजित की गई। दौड़ से पहले हाईस्कूल परिसर में जुंबा वॉर्मअप सेशन हुआ, जिसमें हजारों युवाओं ने पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया। अंत में मुख्यमंत्री ने विजयी प्रतिभागियों के लिए मेडल का अनावरण भी किया।

इस भव्य आयोजन में वन एवं पर्यावरण मंत्री केदार कश्यप, जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा, बस्तर सांसद महेश कश्यप, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम और पद्मश्री वैद्यराज हेमचंद मांझी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

इसके अलावा प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी पी. सुंदरराज, कलेक्टर नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक राबिनसन गुरिया और जिला सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो सहित कई जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।

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