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सुकमा में 16 लाख के इनामी दो हार्डकोर नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

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  • पीएलजीए बटालियन नंबर 01 के सक्रिय सदस्य सुकमा पुलिस के सामने हुए आत्मसमर्पित

  •  शासन की नीति और सुरक्षा बलों की रणनीति का दिखा असर

सुकमा (कौशल संदुजा)
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही प्रभावी रणनीतियों के तहत शुक्रवार को दो हार्डकोर इनामी नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में मड़कम मुया और मड़कम सन्ना शामिल हैं, जिनके सिर पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 8-8 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। इन दोनों नक्सलियों का आत्मसमर्पण राज्य सरकार की “छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति” और सुकमा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “पूना नर्कोम अभियान” (नई सुबह-नई शुरुआत) की सफलता का जीता-जागता प्रमाण है।

सुरक्षा बलों द्वारा लगातार अंदरूनी क्षेत्रों में स्थापित किए जा रहे कैंपों और नक्सलियों के अमानवीय और शोषणकारी विचारधारा से तंग आकर दोनों नक्सलियों ने समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। आत्मसमर्पण के बाद, पुलिस ने इन नक्सलियों को प्रोत्साहन राशि के तौर पर 25-25 हजार रुपये नगद और कपड़े प्रदान किए।

मड़कम मुया, पीएलजीए बटालियन नंबर 01, कंपनी नंबर 02, प्लाटून नंबर 02 के सदस्य के रूप में सक्रिय था और विभिन्न मुठभेड़ों में शामिल रहा। वहीं, मड़कम सन्ना, कंपनी नंबर 01, प्लाटून नंबर 03 के पीपीसीएम के रूप में कार्यरत था और कई नक्सली घटनाओं में संलिप्त था। दोनों ने बिना हथियार के सुकमा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आत्मसमर्पण किया।

इस आत्मसमर्पण के पीछे 219 वाहिनी सीआरपीएफ, जिला बल भेज्जी और ओडिशा पुलिस का विशेष योगदान रहा। आत्मसमर्पण के बाद, दोनों नक्सलियों को “छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति” के तहत आवश्यक सहायता और सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

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