बिरगांव (सत्यानंद सोई)।
बिरगांव के उरकुरा इलाके में इन दिनों सड़क दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसका मुख्य कारण शाम ढलते ही बड़ी संख्या में गौवंश का सड़कों पर आ जाना है। उरकुरा की मुख्य सड़क पर दिनभर के बाद शाम होते ही सड़कों पर गौवंश का झुंड दिखाई देने लगता है, जिससे आने-जाने वाले वाहन चालकों और राहगीरों को बहुत ही मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
हादसों को न्योता देता गौवंश
अक्सर देखने को मिलता है कि सड़क पर अचानक गौवंश के आ जाने से वाहन चालकों को ब्रेक लगाने पड़ते हैं, जिससे पीछे से आ रहे वाहन टकरा जाते हैं। कई बार गंभीर दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं, जिनमें लोगों को चोटें आई हैं। रात के समय यह खतरा और बढ़ जाता है क्योंकि किसी भी गौमाता के गले में रेडियम पट्टा नहीं लगा है, जिससे वे अंधेरे में स्पष्ट दिखाई नहीं देतीं। ऐसे में तेज रफ्तार वाहनों से टक्कर का डर हमेशा बना रहता है।
जिम्मेदार कौन?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या उरकुरा की मुख्य सड़क पर लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन इस ओर न तो स्थानीय पार्षद ध्यान देते हैं, न ही नगर निगम के अधिकारी और न ही पुलिस प्रशासन। ऐसा लगता है मानो किसी को भी यह गंभीर समस्या दिखाई नहीं देती। जनता की शिकायतें लगातार बनी हुई हैं, लेकिन जिम्मेदारों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। लोगों में इस लापरवाही के प्रति गहरा आक्रोश है और वे जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान चाहते हैं ताकि बेकाबू गौवंश के कारण होने वाली दुर्घटनाओं पर लगाम लग सके।









