



अलीगढ़ ।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को एक जनसभा के दौरान समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसकी तुलना 1906 में अलीगढ़ में स्थापित मुस्लिम लीग से की। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी मुस्लिम लीग की तरह समाज को सांप्रदायिक आधार पर विभाजित करने का कार्य कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे इरादों को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, “1906 में अलीगढ़ में मुस्लिम लीग की स्थापना हुई थी जिसने भारत के विभाजन की नींव रखी। उनके इरादे उस समय सफल हो गए, लेकिन आज जो काम मुस्लिम लीग ने किया था, वही अब समाजवादी पार्टी कर रही है। हमें उनके इरादों को सफल नहीं होने देना चाहिए।”
उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि उनके शासन में बेटियां और व्यापारी सुरक्षित नहीं थे। उन्होंने कहा, “भाजपा की डबल इंजन सरकार ने विकास और सुरक्षा सुनिश्चित की है। अयोध्या का राम मंदिर इसका प्रमुख उदाहरण है, जिसे बनने में 500 साल लगे।”
योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भेदभाव और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार ने जनता को न्याय और सुरक्षा दी है। उन्होंने कहा, “पहले हमें अयोध्या, मथुरा और काशी में अपमान का सामना करना पड़ा क्योंकि हम विभाजित थे। लेकिन भाजपा सरकार ने विकास और सुरक्षा का माहौल बनाया। बटेंगे तो कटेंगे, एक रहेंगे तो सुरक्षित रहेंगे।”
इस अवसर पर भाजपा सांसद कंगना रनौत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान “बटेंगे तो कटेंगे” को एकता का आह्वान बताते हुए इसका समर्थन किया। उन्होंने कहा, “यह एकता का संदेश है। हमें बचपन से सिखाया गया है कि एकता में शक्ति होती है। अगर हम साथ हैं, तो हम सुरक्षित हैं। हमारी पार्टी सनातनी पार्टी है और विपक्ष की बांटने की साजिश को नाकाम कर रही है।”
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में 20 नवंबर को नौ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने वाले हैं और 23 नवंबर को इसके नतीजे घोषित किए जाएंगे। भाजपा इन उपचुनावों में अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास कर रही है।





