वाराणसी कचहरी में दरोगा पर जानलेवा हमला
OM Darpan
Sep 17, 2025 01:10 am
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17 Sep 2025
वाराणसी।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक बड़ी घटना सामने आई है। कचहरी परिसर में दरोगा मिथलेश प्रजापति पर वकीलों ने जमकर हमला कर दिया। उन्हें इतनी बेरहमी से पीटा गया कि उनकी वर्दी फट गई और सिर व चेहरे पर गंभीर घाव आए। इस हमले में दरोगा के सिर और चेहरे पर तीन गहरे घाव सहित शरीर पर कुल तेरह चोटों के निशान हैं। घटना के बाद उन्हें गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। उनके साथ मौजूद एक सिपाही से भी मारपीट की गई।
बड़ागांव जमीन विवाद बना हमले की वजह
यह पूरा मामला बड़ागांव थाना क्षेत्र के पुआरी खुर्द गांव के एक पुराने जमीन विवाद से जुड़ा है। मोहित कुमार सिंह और प्रेमचंद्र मौर्या के बीच आराजी संख्या 125 और 126 को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर अवैध निर्माण का आरोप लगाते रहे हैं। पूर्व में भी 28 जून 2025 को इसी विवाद को लेकर बड़ागांव थाने में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज हुए थे। यह विवाद 13 सितंबर 2025 को समाधान दिवस जनसुनवाई के दौरान एक बार फिर हिंसक हो गया, जब दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए।कैसे हुआ दरोगा पर हमला?
पुलिस के अनुसार, विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों का शांति भंग में चालान किया गया। आरोप है कि इसी दौरान दरोगा मिथलेश प्रजापति ने एक पक्ष के वकील से मारपीट कर दी, जिससे वकीलों का गुस्सा भड़क गया। वकीलों ने पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध करते हुए दरोगा को घेर लिया और बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। हमले में दरोगा की वर्दी फट गई और वे गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। उनके साथ मौजूद सिपाही भी चोटिल हुआ। घटना के बाद कचहरी परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घायल दरोगा को तुरंत ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है और चिकित्सकों की टीम उनकी निगरानी कर रही है।प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और सख्ती की चेतावनी
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कचहरी परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, डीआईजी शिवहरि मीणा, डीसीपी काशी जोन प्रमोद कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने जिला जज के साथ बैठक कर वकीलों से कोर्ट परिसर खाली करने की अपील की ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। प्रशासन ने इसे कानून व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कानून अपने हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और घायल दरोगा के इलाज के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल
अदालत परिसर जैसे संवेदनशील स्थान पर पुलिसकर्मी पर हुए इस हमले ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना स्थानीय विवादों के हिंसक रूप लेने और कानून व्यवस्था को चुनौती देने की चिंताजनक स्थिति को दर्शाती है। जिला प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े कदम उठाने का आश्वासन दिया है और नागरिकों से कानूनी प्रक्रिया का पालन करने की अपील की है।
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