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एक राष्ट्र, एक चुनाव: क्यों जरूरी है यह बदलाव, भाजपा नेताओं ने कार्यशाला में किया स्पष्ट

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दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।

“एक राष्ट्र, एक चुनाव” को लेकर दुर्ग और भिलाई जिला भाजपा द्वारा संयुक्त कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें वक्ताओं ने इसे देश की आर्थिक, प्रशासनिक और लोकतांत्रिक मजबूती के लिए अनिवार्य बताया। इस कार्यशाला के दौरान नेताओं ने अपील की कि कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर जाकर जनजागरण अभियान चलाएं।


बार-बार चुनावों से देश की अर्थव्यवस्था पर असर

जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक ने कहा कि अलग-अलग समय पर होने वाले चुनावों से देश का सकल घरेलू उत्पाद प्रभावित होता है। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार के नेतृत्व में देश बदलाव की ओर बढ़ रहा है और अब समय आ गया है कि चुनाव एक साथ कराए जाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में 1.35 लाख करोड़ रुपये खर्च हुए, जबकि 2019 में यह खर्च 60,000 करोड़ रुपये था। बार-बार चुनावों से समय, श्रम और धन की भारी बर्बादी होती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे पंचायत स्तर तक जाकर लोगों को जागरूक करें और राष्ट्रपति के नाम प्रस्ताव भेजने में सहयोग करें।


प्रशासनिक तंत्र होता है प्रभावित

भिलाई जिला भाजपा अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन ने कहा कि लगातार चुनावों की वजह से प्रशासनिक अमला अपने मूल कार्यों से भटक जाता है, जिससे शासकीय कार्यों पर विपरीत असर पड़ता है।


विकसित राष्ट्र की दिशा में अहम कदम

विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य है कि 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाया जाए और इसमें “एक राष्ट्र, एक चुनाव” की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।


विकास की गति होती है धीमी

विधायक गजेंद्र यादव ने कहा कि हर तीन महीने में कहीं न कहीं चुनाव होते रहते हैं, जिससे विकास की गति बाधित होती है। एक साथ चुनाव कराने से ऐसी स्थिति से निजात मिलेगी।


सुरक्षाबलों पर पड़ता है दबाव

विधायक रिकेश सेन ने इस बात पर चिंता जताई कि बार-बार चुनाव होने से सुरक्षाबलों को बार-बार स्थानांतरित किया जाता है, जिससे उनकी असल जिम्मेदारी यानी सीमा की रक्षा प्रभावित होती है।


आचार संहिता और प्रशासनिक ठहराव

विधायक ईश्वर साहू ने बताया कि बार-बार आचार संहिता लागू होने से प्रशासनिक कार्य रुक जाते हैं। यदि एक साथ चुनाव होंगे, तो यह बाधा समाप्त हो जाएगी।


प्रस्ताव भेजने की तैयारी

एक राष्ट्र एक चुनाव अभियान के दुर्ग जिला संयोजक राजेन्द्र कुमार पाध्ये ने कहा कि नगरीय निकायों और जनपद पंचायतों में राष्ट्रपति के नाम पर प्रस्ताव पारित कर भेजा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लगातार चुनावों में मंत्रियों और अधिकारियों का समय व्यर्थ जाता है, जिससे वे 100% प्रदर्शन नहीं कर पाते। साथ ही, डबल वोटर की समस्या भी इस व्यवस्था से समाप्त हो सकती है।


वोटर लिस्ट में सुधार और बचत

भिलाई जिला संयोजक बृजेश बिचपुरिया ने कहा कि वर्तमान में चुनाव आयोग को अलग-अलग वोटर लिस्ट बनानी पड़ती है। लेकिन एक साथ चुनाव होने से एक ही वोटर लिस्ट तैयार होगी, जिससे कर्मचारियों का समय बचेगा और धन की भी बचत होगी।

कार्यक्रम का संचालन जिला भाजपा उपाध्यक्ष और एक राष्ट्र एक चुनाव अभियान के जिला सदस्य दिलीप साहू ने किया।

मंच पर पूर्व मंत्री रमशिला साहू, उषा टावरी, चंद्रिका चंद्राकर, रविशंकर सिंह, पूर्व विधायक सांवला राम डाहरे, बालमुकुंद देवांगन, महापौर अलका बाघमार, निवर्तमान जिला भाजपा अध्यक्ष जितेंद्र वर्मा, महेश वर्मा, महामंत्री प्रेमलाल साहू, विजेंद्र सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष दयानंद सोनकर, मीना वर्मा, जनपद अध्यक्ष लीमन साहू, कुलेश्वरी देवांगन, कीर्ति नायक, एक राष्ट्र एक चुनाव अभियान के सदस्य दीपक चोपड़ा, उमा भारती साहू, नवीन पवार, राम उपकार तिवारी, पाटन नगर पंचायत अध्यक्ष योगेश भाले और उदय नगर पंचायत अध्यक्ष सरस्वती साहू उपस्थित रहे।
इसके अलावा दुर्ग और भिलाई जिले के जिला पदाधिकारीगण, समस्त मंडल अध्यक्ष, निवर्तमान मंडल अध्यक्ष और अपेक्षित श्रेणी के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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