Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

सिद्धारमैया बदलेंगे या कैबिनेट? सस्पेंस बरकरार

Karnataka Congress MLAs Delhi

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

Listen to this article

नई दिल्ली/बेंगलुरु (ओमदर्पण न्यूज़)।

कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के भीतर आपसी खींचतान की खबरें एक बार फिर जोर पकड़ रही हैं। राज्य के करीब 30 विधायकों के अचानक दिल्ली में डेरा डालने से राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। एक तरफ जहां मुख्य विपक्षी दल भाजपा का दावा है कि ये विधायक मुख्यमंत्री एम. सिद्धारमैया को हटाने की मांग लेकर दिल्ली पहुंचे हैं, वहीं कांग्रेस इसे संभावित कैबिनेट फेरबदल से पहले मंत्री पद पाने की कवायद बता रही है।

क्या डीके शिवकुमार को CM बनाने का है दबाव?

सियासी हलकों में सबसे बड़ी चर्चा यह है कि इतनी बड़ी संख्या में विधायकों का दिल्ली आना सिर्फ मंत्री पद की मांग तक सीमित नहीं हो सकता। कयास लगाए जा रहे हैं कि दिल्ली पहुंचे ये सभी विधायक उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के वफादार हैं और वे उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग को लेकर कांग्रेस आलाकमान (खासकर राहुल गांधी) पर दबाव बनाने आए हैं। हालांकि, इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे सस्पेंस और गहरा गया है।

गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने दी सफाई

विधायकों के दिल्ली कूच पर कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने मुख्यमंत्री बदले जाने की अटकलों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने विधायकों का बचाव करते हुए कहा कि राज्य में कैबिनेट फेरबदल की सुगबुगाहट है, ऐसे में यदि विधायक मंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी जता रहे हैं, तो इसमें कोई बुराई नहीं है।

परमेश्वर ने कहा, “कई विधायक तीसरी बार चुनकर आए हैं और वे काफी अनुभवी हैं। उनके पास मंत्री बनने की काबीलियत है। यदि उन्हें जिम्मेदारी मिलती है, तो वे उम्मीदों पर खरा उतरेंगे।”

आलाकमान करेगा अंतिम फैसला

इतनी बड़ी संख्या में विधायकों के एक साथ दिल्ली पहुंचने पर उठ रहे सवालों के बीच गृह मंत्री परमेश्वर ने स्पष्ट किया कि कैबिनेट में किसे शामिल किया जाएगा और किसे नहीं, इसका अंतिम निर्णय कांग्रेस आलाकमान ही करेगा। उन्होंने कहा कि आलाकमान, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार एक साथ बैठकर इस विषय पर चर्चा करेंगे और उसके बाद ही कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा।

फिलहाल, सभी की निगाहें दिल्ली पर टिकी हैं कि क्या कांग्रेस आलाकमान इन विधायकों से मुलाकात करेगा और कर्नाटक की राजनीति क्या नया मोड़ लेगी।

news paper editing
previous arrow
next arrow