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यूक्रेन पर रूस का साल का सबसे बड़ा हवाई हमला
कीव/अबू धाबी:
यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध ने उस वक्त एक नया और भयावह मोड़ ले लिया, जब अबू धाबी में शांति की संभावनाओं को लेकर चल रही त्रिपक्षीय वार्ता के बीच रूस ने यूक्रेन पर इस साल का सबसे व्यापक रात्रिकालीन हवाई हमला कर दिया। 2022 में युद्ध की शुरुआत के बाद यह पहली बार था जब कीव, मॉस्को और वाशिंगटन के प्रतिनिधि एक साथ मेज पर थे, लेकिन इस ऐतिहासिक वार्ता के कुछ ही घंटों बाद यूक्रेन के प्रमुख शहर मिसाइलों और ड्रोनों के धमाकों से दहल उठे।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में बंद कमरे में दो दौर की वार्ता चल रही है। रूसी मीडिया आउटलेट टास ने पुष्टि की है कि शनिवार को वार्ता का दूसरा दिन जारी था। इस वार्ता में अमेरिकी टीम का नेतृत्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दूत स्टीव विटकॉफ कर रहे हैं, जिनके साथ जेरेड कुशनर और व्हाइट हाउस सलाहकार जोश ग्रुएनबाम भी शामिल हैं। यूक्रेन की ओर से मुख्य वार्ताकार रुस्तम उमेरोव और शीर्ष राजनयिक मौजूद हैं। हालांकि, बातचीत के पहले दिन के तुरंत बाद ही रूस ने भीषण बमबारी शुरू कर दी।
ठिठुरते कीव में मची तबाही
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने बताया कि रूस ने रात भर में 370 से अधिक ड्रोन और 21 मिसाइलें दागीं। राजधानी कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को के अनुसार, हमलों में कम से कम एक व्यक्ति की जान चली गई और चार अन्य घायल हो गए। मलबे की चपेट में आने से आवासीय इमारतों में आग लग गई, जिससे करीब 6,000 अपार्टमेंट ब्लॉक्स की हीटिंग (ताप प्रणाली) बंद हो गई। शनिवार सुबह कीव का तापमान गिरकर -12 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जिससे मानवीय संकट और गहरा गया है।
अस्पताल और छात्रावास निशाने पर
यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खार्किव में भी भारी नुकसान हुआ है। मेयर इगोर तेरेखोव ने बताया कि रूसी हमलों में एक प्रसूति अस्पताल और विस्थापितों के छात्रावास को निशाना बनाया गया, जिसमें एक बच्चे सहित कम से कम 19 लोग घायल हुए हैं। राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा कि रूस का मुख्य निशाना यूक्रेन का ऊर्जा बुनियादी ढांचा है, जो इस कड़ाके की सर्दी में देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
डोनबास पर गतिरोध बरकरार
एक ओर वार्ता चल रही है, तो दूसरी ओर रणनीतिक मांगें आड़े आ रही हैं। रूस ने एक बार फिर पूर्वी डोनबास (डोनेट्स्क और लुहांस्क) से यूक्रेनी सेना के हटने की मांग दोहराई है, जिसे कीव ने सिरे से खारिज कर दिया है। वर्तमान में रूस यूक्रेन के लगभग 20 प्रतिशत हिस्से पर कब्जा कर चुका है। ट्रम्प प्रशासन शांति समझौते पर जोर दे रहा है, जिससे सहयोगियों के बीच चिंता बढ़ गई है कि कहीं यह समझौता मॉस्को के पक्ष में न झुक जाए।
यूक्रेन के मुख्य वार्ताकार रुस्तम उमेरोव ने चर्चा को ‘गरिमापूर्ण और स्थायी शांति’ की ओर एक कदम बताया, जबकि राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने सावधानी बरतते हुए कहा कि अभी किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।









