



बलरामपुर (पंकज शुक्ला)।
कोतवाली थाने की हिरासत में रखे गए युवक गुरुचरण मंडल का शव शौचालय के बाथरूम में फंदे से लटका मिला। मृतक युवक बलरामपुर जिला अस्पताल में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी के रूप में कार्यरत था। पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए इस युवक की मौत की खबर जैसे ही फैली, कोतवाली थाने के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। नाराज लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और हंगामा किया।
हिरासत में मौत के बाद थाने पर हमला
गुरुचरण मंडल की मौत की खबर मिलते ही कोतवाली थाने के बाहर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। उग्र भीड़ ने नारेबाजी करते हुए थाने पर पथराव किया, थाने के गेट पर लगी रेलिंग को उखाड़ दिया और खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए। गुस्साई भीड़ ने पुलिस के वाहनों को भी निशाना बनाया। इसके अलावा, भीड़ ने नेशनल हाइवे को जाम कर दिया, जिसके कारण हाइवे के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
आरोपियों पर होगी कड़ी कार्रवाई: शैलेंद्र पांडेय
एडिशनल एसपी बलरामपुर शैलेंद्र पांडेय ने कहा, “घटनाक्रम में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पर भरोसा बनाए रखें। हम किसी को छोड़ेंगे नहीं। भीड़ से मेरी अपील है कि वह शांति बनाए रखें। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।” उन्होंने बताया कि इस घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है।
टीआई और आरक्षक सस्पेंड
मौत और हंगामे के बाद एसपी वैभव बैंकर रमनलाल ने कोतवाली थाना टीआई प्रमोद उरुसिया और आरक्षक अजय यादव को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। घटना की आगे की जांच जारी है।
नाराज जनता का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि बलरामपुर जिले में आपराधिक घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं और पुलिस अपराधों पर लगाम लगाने में असफल साबित हो रही है। लोगों ने इस घटना के विरोध में न्याय की मांग की है।





