✍️ विशेष संवाददाता
रायपुर | छत्तीसगढ़ में इस साल मानसून का सीजन अब तक काफी राहत भरा रहा है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा जारी वर्षा रिपोर्ट के मुताबिक, 1 जून 2026 से 28 अगस्त 2026 तक राज्य में औसतन 855.9 मि.मी. बारिश दर्ज हो चुकी है। यह पिछले 10 वर्षों के औसत 849.3 मि.मी. का 100.8 प्रतिशत है। केवल 28 अगस्त को ही प्रदेश में 6.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है। राज्य के विभिन्न संभागों में बारिश का वितरण अलग-अलग रहा है, जहाँ कुछ जिलों ने औसत का आंकड़ा काफी पहले ही पार कर लिया है।
सरगुजा और मध्य छत्तीसगढ़ में हुई जोरदार वर्षा
सरगुजा संभाग के बलरामपुर जिले में मानसून सबसे ज्यादा सक्रिय रहा, जहाँ अब तक 157.7 प्रतिशत यानी 1164.4 मि.मी. बारिश हुई है। सूरजपुर में 963.5 मि.मी., मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 920.0 मि.मी., कोरिया में 702.3 मि.मी. और जशपुर में 716.9 मि.मी. पानी गिरा है। वहीं सरगुजा जिले में वर्षा की स्थिति 77.1 प्रतिशत के साथ थोड़ी धीमी है। रायपुर और बिलासपुर संभाग में भी मानसून का जादू चल रहा है। प्रदेश में प्रतिशत के लिहाज से सबसे ज्यादा 166.0 प्रतिशत बारिश सारंगढ़-बिलाईगढ़ में दर्ज की गई है। रायपुर, महासमुंद, गरियाबंद, बलौदाबाजार और धमतरी जिलों में भी वर्षा के आंकड़े मजबूत हैं। मुंगेली और जांजगीर-चांपा सहित बिलासपुर, सक्ती, कोरबा और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में अच्छी बारिश दर्ज की गई है, जबकि रायगढ़ में स्थिति लगभग सामान्य है।
दुर्ग और बस्तर संभाग का हाल
दुर्ग संभाग के बालोद और दुर्ग जिलों में बारिश सामान्य है, जबकि राजनांदगांव और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई भी सामान्य के करीब हैं। कबीरधाम, बेमेतरा और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में बारिश की रफ्तार फिलहाल कम है। बस्तर संभाग में नारायणपुर 1260.9 मि.मी. के साथ सबसे आगे बना हुआ है। दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, कोण्डागांव और बस्तर जिलों में बारिश का स्तर संतोषजनक है। हालांकि, कांकेर जिले में अब तक राज्य की सबसे कम 65.6 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई है, लेकिन हालिया बारिश से सुधार के संकेत मिल रहे हैं।








