बीजापुर
बीजापुर क्षेत्र के तारलागुड़ा में दूसरी कक्षा में अध्यनरत एक मासूम बालिका की मौत हो गई। छात्रा मलेरिया से पीड़ित थी। उसका इलाज जगदलपुर के मेडिकल कालेज में चल रहा था। इलाज के दौरान शुक्रवार को मासूम ने दम तोड़ दिया।
पहले भी हो चुकी है पोटाकेबिनो में छात्र – छात्रों की मौत…
विदित हो की जिले में कुल 34 बालक – बालिका पोटाकेबिन संचालित है जहाँ पर हजारों की संख्या में रहकर बच्चे शिक्षा ग्रहण करते है ऐसे में पहले भी कई बार यहाँ पढ़ने वाले छात्र – छात्राओं की बीमारी व कई कारणों से मौत हुई है। कई बार अधीक्षको की लापरवाही से मौते हुई है तो कई बार अधीक्षकों ने समय रहते बच्चों को सही इलाज करवाकर उनकी जान भी बचाई है ऐसे में जिला प्रशासन को यहाँ पर पढ़ने वाले छात्र – छात्राओं की देखभाल सही तरीके से हो सकें उसके लिए कई जरुरी कदम भी उठाने होंगे।
राजीव गाँधी शिक्षा मिशन के नए डीएमसी एम बी राव ने जानकारी देते हुए बताया की बालिका दीक्षिता रेगा उम्र 8 वर्ष 7 जुलाई को पोटाकेबिन में आई थी 8 व 9 जुलाई को वह पोटाकेबिन में थी 10 जुलाई को उसके माता – पिता लेने आये बच्ची के पालक ने अधिक्षिका से सहमति पत्र भी दिया की वो बच्ची को अपने साथ ले जाएंगे करके। उसके बाद बच्ची का इलाज बीजापुर जिला अस्पताल में भी चला। बच्ची की हालत काफ़ी बिगड़ने के बाद उसे जगदलपुर के मेडिकल कालेज रिफर किया गया जहाँ बच्ची ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
एम वी राव ने बताया की कल ही मैं तारलागुड़ा पोटाकेबिन के दौरे पर था सभी बच्चों से मुलाक़ात की और सभी बच्चों से सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करने के लिए कहा था वहीं अधिक्षिका को भी निर्देश दिया गया था की सभी बच्चे शयन कक्ष में मच्छरदानी का प्रयोग करें और साफ सफाई भी अपने पास रखें इसकी व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया था।










